पूर्व ISRO प्रमुख डॉ. के. कस्तूरीरंगन का निधन
संवाददाता
25 April 2025
अपडेटेड: 12:12 PM 0thGMT+0530
पूर्व ISRO प्रमुख डॉ. के. कस्तूरीरंगन का निधन
पूर्व ISRO प्रमुख डॉ. के. कस्तूरीरंगन का निधन
84 वर्ष की आयु में बेंगलुरु में अंतिम सांस, चंद्रयान मिशन की नींव उनके नेतृत्व में रखी गई
बेंगलुरु: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के पूर्व अध्यक्ष और प्रख्यात वैज्ञानिक डॉ. के. कस्तूरीरंगन का 25 अप्रैल, 2025 को बेंगलुरु में 84 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके नेतृत्व में इसरो ने कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल कीं, जिनमें चंद्रयान मिशन की योजना और शुरुआत शामिल है। उनके निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने शोक व्यक्त किया है।
डॉ. कस्तूरीरंगन ने 1994 से 2003 तक इसरो के अध्यक्ष के रूप में कार्य किया। इस दौरान उन्होंने भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। उनके कार्यकाल में चंद्रयान-1 मिशन की आधारशिला रखी गई, जो 2008 में सफलतापूर्वक लॉन्च हुआ और चंद्रमा की सतह पर पानी के अणुओं की खोज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके अलावा, उन्होंने अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में स्वदेशी तकनीकों को बढ़ावा देने और इसरो की वैश्विक साख स्थापित करने में अहम योगदान दिया।
डॉ. कस्तूरीरंगन ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 को तैयार करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनकी दूरदर्शिता और वैज्ञानिक दृष्टिकोण ने शिक्षा और विज्ञान के क्षेत्र में भारत को नई दिशा प्रदान की। उन्हें पद्म भूषण और पद्म विभूषण जैसे प्रतिष्ठित सम्मानों से नवाजा गया था।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने शोक संदेश में कहा, “डॉ. कस्तूरीरंगन भारत की वैज्ञानिक और शैक्षिक यात्रा के एक प्रेरणादायक स्तंभ थे। उनका योगदान हमेशा याद किया जाएगा।” सोशल मीडिया पर भी लोग उनके कार्यों को याद कर श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं।
डॉ. कस्तूरीरंगन के निधन से वैज्ञानिक समुदाय और देश ने एक महान व्यक्तित्व खो दिया है। उनके परिवार और शुभचिंतकों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त की जा रही हैं।