फर्जी दस्तावेजों पर लोन देकर 86 लाख की ठगी…
संवाददाता
28 May 2025
अपडेटेड: 11:09 AM 0thGMT+0530
फर्जी दस्तावेजों पर लोन देकर 86 लाख की ठगी : क्राइम ब्रांच में पकड़ा गैंग: May 28 2025: 86 लाख की लोन ठगी का खुलासा, फर्जी दस्तावेजों से लोन पास करवा कर रकम हड़पने वाला गिरोह पकड़ा गया, LIC हाउसिंग फाइनेंस का मैनेजर फरार: क्राइम ब्रांच में एक ऐसे गैंग का पर्दा फाश किया है जो फर्जी कागजों के जरिए लोन फाइनेंस कराता था। ग्वालियर में क्राइम ब्रांच ने फर्जी दस्तावेजों के सहारे लोन लेकर 86 लाख रुपए की ठगी करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। मंगलवार रात कार्रवाई करते हुए पुलिस ने गिरोह की एक महिला समेत सात सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जबकि एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड का एक मैनेजर फरार है, जिसकी तलाश जारी है। इस ठगी रैकेट में हाउसिंग फाइनेंस कंपनी के डायरेक्ट सेलिंग एजेंट (DSA) भी शामिल थे। यह गिरोह कैसे कार्य करता था! ये गिरोह उन लोगों को निशाना बनाता था जिनका सिविल स्कोर खराब होता था और वे तत्काल लोन लेने की स्थिति में नहीं होते थे। जैसे ही संबंधित व्यक्ति का सिविल स्कोर सुधरता, गैंग पहले से तैयार फर्जी दस्तावेजों के जरिये उनके नाम पर लोन पास करवा कर रकम निकाल लेता था। अब तक क्राइम ब्रांच को ऐसे चार मामले मिले हैं, जिनमें कुल 86 लाख रुपए की ठगी सामने आई है। मामले की जांच के दौरान खुलासा हुआ कि एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस के कुछ अधिकारी और कर्मचारी भी इस रैकेट में शामिल हैं। पुलिस ने आरोपियों के पास से फर्जी दस्तावेज, नकली सील, लैपटॉप, स्कैनर, प्रिंटर और अन्य उपकरण जब्त किए हैं। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में मास्टरमाइंड प्रवीण अग्रवाल समेत अरविंद सिंह भदौरिया, जितेंद्र सिंह चंदेल, सचिन त्रिपाठी, ज्योति शाक्यवार उर्फ गुड़िया, सतीश बिजरोठिया और होम सिंह शामिल हैं। सभी अलग-अलग इलाकों से ताल्लुक रखते हैं। पुलिस को आशंका है कि यह ठगी का नेटवर्क और भी बड़ा हो सकता है और आने वाले दिनों में कई नए खुलासे हो सकते हैं।
क्राइम ब्रांच में पकड़ा गैंग:
86 लाख की लोन ठगी का खुलासा, फर्जी दस्तावेजों से लोन पास करवा कर रकम हड़पने वाला गिरोह पकड़ा गया, LIC हाउसिंग फाइनेंस का मैनेजर फरार:
क्राइम ब्रांच में एक ऐसे गैंग का पर्दा फाश किया है जो फर्जी कागजों के जरिए लोन फाइनेंस कराता था।
ग्वालियर में क्राइम ब्रांच ने फर्जी दस्तावेजों के सहारे लोन लेकर 86 लाख रुपए की ठगी करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। मंगलवार रात कार्रवाई करते हुए पुलिस ने गिरोह की एक महिला समेत सात सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जबकि एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड का एक मैनेजर फरार है, जिसकी तलाश जारी है।
इस ठगी रैकेट में हाउसिंग फाइनेंस कंपनी के डायरेक्ट सेलिंग एजेंट (DSA) भी शामिल थे।
यह गिरोह कैसे कार्य करता था!
ये गिरोह उन लोगों को निशाना बनाता था जिनका सिविल स्कोर खराब होता था और वे तत्काल लोन लेने की स्थिति में नहीं होते थे। जैसे ही संबंधित व्यक्ति का सिविल स्कोर सुधरता, गैंग पहले से तैयार फर्जी दस्तावेजों के जरिये उनके नाम पर लोन पास करवा कर रकम निकाल लेता था।
अब तक क्राइम ब्रांच को ऐसे चार मामले मिले हैं, जिनमें कुल 86 लाख रुपए की ठगी सामने आई है। मामले की जांच के दौरान खुलासा हुआ कि एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस के कुछ अधिकारी और कर्मचारी भी इस रैकेट में शामिल हैं। पुलिस ने आरोपियों के पास से फर्जी दस्तावेज, नकली सील, लैपटॉप, स्कैनर, प्रिंटर और अन्य उपकरण जब्त किए हैं।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों में मास्टरमाइंड प्रवीण अग्रवाल समेत अरविंद सिंह भदौरिया, जितेंद्र सिंह चंदेल, सचिन त्रिपाठी, ज्योति शाक्यवार उर्फ गुड़िया, सतीश बिजरोठिया और होम सिंह शामिल हैं। सभी अलग-अलग इलाकों से ताल्लुक रखते हैं। पुलिस को आशंका है कि यह ठगी का नेटवर्क और भी बड़ा हो सकता है और आने वाले दिनों में कई नए खुलासे हो सकते हैं।