फर्जी दस्तावेजों से नौकरी पाने वाले 24 शिक्षकों पर होगी FIR…
संवाददाता
17 May 2025
अपडेटेड: 11:38 AM 0thGMT+0530
हाईकोर्ट के निर्देश के बाद जागा शिक्षा विभाग:
जिले में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर शिक्षक नियुक्ति का बड़ा मामला सामने आया है। जांच के दौरान 40 शिक्षक ऐसे मिले हैं, जिन्होंने फर्जी अंकसूची के माध्यम से नौकरी प्राप्त की थी। इनमें से अधिकांश शिक्षक । 20 से 25 साल से नौकरी कर रहे हैं। जो वेतन के रूप में करोड़ों रुपए प्राप्त कर चुके हैं। हालांकि अब प्रशासन ने 24 शिक्षकों पर एफआईआर कराने के निर्देश दिए हैं।
गौरतलब है कि शिक्षकों की फर्जी ने नियुक्तियों के मामले की शिकायत दो न साल पहले की गई थी, लेकिन अधिकारियों द्वारा जानबूझकर मामले को दबाए रखा। मामला हाइकोर्ट पहुंचा तो उसके निर्देश के बाद शिक्षा विभाग मामले में कार्रवाई कर रहा है। 10 शिक्षकों को बर्खास्त भी किया जा चुका है। हालांकि अभी भी ऐसे अनेक मामले हैं, जिनकी जांच -कार्रवाई एक से डेढ़ वर्ष से लंबित है। हैरानी की बात तो यह है कि शिक्षकोंपर तो कार्रवाई कर दी गई, लेकिन फर्जी अंकसूची बनाने वाले रैकिटके संबंध में अभी तक कोई जानकारी नहीं मिली है।
कलेक्टर बोले- सभी पर एफआईआर के निर्देश
कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर के
मुताबिक अब तक कुल 40 शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जो जांच में हैं। इनमें से 24 प्रकरण ऐसे हैं, जिनमें ये तथ्य सामने आया है कि ये मार्कशीट फर्जी हैं। इसका मतलब है कि इन 24 प्रकरणों में जिन विश्वविद्यालयों से भी डिग्री ली गई थीं, वहां से जानकारी आ गई है कि सभी 24 डिग्री फर्जी है। इन सभी के विरुद्ध एफआईआर के निर्देश दे दिए गए हैं। 11 प्रकरणों की जांच संयुक्त संचालक द्वारा की जा रही है। एक प्रकरण की जांच भोपाल में चल रही है। 40 में से 10 शिक्षकों को नौकरी से निकाला जा चुका है। ऐसे जो भी प्रकरण आएंगे, उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
किसी की बीएड, किसी की डीएड की अंकसूची फर्जी
पथरिया के सेमराबुजुर्ग स्कूल में पदस्थ शिक्षक प्रभुदयाल पटेल की बीए फाइनल की अंकसूची, सुजनीपुर स्कूल में मनोज गौतम की बीएड की अंकसूची, सूरादेही स्कूल के महेश प्रसाद पटेल की बीएड की अंकसूची जांच में फर्जी पाई गई है। वहीं, रमपुरा स्कूल में भगवान सिंह ठाकुर की कक्षा 12वीं एवं डीएड की अंकसूची फर्जी पाई गई। इन सभी ने नियम विरुद्ध वेतन भी प्राप्त किया।
शासकीय एकीकृत माध्यमिक स्कूल जोरतला में पदस्थ प्राथमिक शिक्षक बहादुर सिंह लोधी की डीएड द्वितीय वर्ष परीक्षा की अंकसूची जांच के दौरान फर्जी पाई गई थी। संबंधित के विरुद्ध विभागीय जांच की गई थी, जिसमें आरोप प्रमाणित पाए जाने पर डीईओ द्वारा शासकीय सेवा से हटा दिया गया है। साथ ही एफआईआर कराने के लिए बीईओ को निर्देशित किया गया है। इसी तरह, तेंदूखेड़ा विकासखंड के शासकीय एकीकृत माध्यमिक स्कूल जामुन में पदस्थ प्राथमिक शिक्षक दीपचंद्र पाल की डीएड की अंकसूची संदिग्ध होने की शिकायत की गई थी, जो सत्यापन जांच के दौरान फर्जी पाई गई। इन्हें भी शासकीय सेवा से बर्खास्त कर एफआईआर के निर्देश दिए गए हैं।