फर्जी पासपोर्ट कांड: जबलपुर से जुड़े पांच अफगानी कोलकाता से पकड़े गए
संवाददाता
23 February 2026
अपडेटेड: 4:37 PM 0rdGMT+0530
एटीएस की बड़ी कार्रवाई, तीन दिन की रिमांड पर भेजे गए आरोपी
जबलपुर से जुड़े फर्जी पासपोर्ट नेटवर्क का खुलासा करते हुए एटीएस ने पांच अफगानी नागरिकों को गिरफ्तार किया है। ये सभी कोलकाता में रह रहे थे और भारत में अवैध तरीके से रहना चाहते थे। पुलिस ने उन्हें कोलकाता से गिरफ्तार कर जबलपुर लाकर कोर्ट में पेश किया, जहां से तीन दिन की रिमांड पर भेज दिया गया है। इस कार्रवाई के बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं।
दस्तावेज तैयार कराने के लिए दिया था लाखों रुपए
जांच में सामने आया है कि आरोपियों जियाउल रहमान, सुल्तान मोहम्मद, राजा खान सैयद मोहम्मद और जफर खान ने भारत आने के बाद फर्जी भारतीय पासपोर्ट बनवाने के लिए स्थानीय गिरोह से संपर्क किया। जबलपुर निवासी सोहबत ने काम के लिए प्रति व्यक्ति करीब ढाई लाख रुपए लिए । आरोपी एजेंट के जरिए दस्तावेज तैयार कराए गए, जिनका इस्तेमाल पहचान छिपाने के लिए किया जाना था।
इन सभी आरोपियों को कोलकाता से पड़कर शहर लाया गया और कोर्ट में पेश किया गया।25 फरवरी तक इन्हें रिमांड में लिया गया है।
इन आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है और फर्जी पासपोर्ट से जुड़े मामलों में और कई चेहरे बेनकाब हो सकते हैं।
जबलपुर से चला नेटवर्क, कोलकाता में रह रहे थे आरोपी
फर्जी दस्तावेजों के आधार पर एटीएस ने जबलपुर में रह रहे घुसपैठियों पर 31 जुलाई 2025 में एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया था ,तब घुसपैठियों का पर्दाफाश किया गया था।

वर्ष 2025 में एटीएस ने जबलपुर से एक अफगानी नागरिक शोहबत खान को गिरफ्तार किया था । उसने जबलपुर की ही एक स्थानीय महिला से निकाह भी कर लिया था । इसी अफगानी नागरिक की एक-47 के साथ एक फोटो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी। इसके बाद जांच पड़ताल हुई और फिर इसका अफगानी मूवमेंट निकला। सोहबत की गिरफ्तारी के बाद आरोपियों की चेन लंबी होती चली गई, कड़ियां जुड़ती गई और आरोपियों की संख्या भी बढ़ती गई।
फर्जी दस्तावेजों के आधार पर भारतीय पासपोर्ट बनवाकर अवैध रूप से पिछले 10 साल से जबलपुर में रह रहे थे।
जानकारी के मुताबिक गिरोह का संचालन जबलपुर से हो रहा था, जबकि आरोपी कोलकाता में रहकर सूदखोरी का धंधा कर रहे थे। दस्तावेज तैयार होने के बाद उन्हें वहीं भेज दिया गया था। एटीएस को सूचना मिलने पर कार्रवाई कर उन्हें दबोचा गया और पूछताछ में कई अहम सुराग मिले हैं।
पहले भी हो चुकी हैं गिरफ्तारियां, जांच का दायरा बढ़ा
इस मामले में पहले भी कई आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। एजेंसियां अब नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि देश की सुरक्षा से जुड़े इस मामले में गहराई से जांच की जा रही है और जल्द ही और खुलासे हो सकते हैं।