फर्जी वेबसाइट के जरिए तीर्थयात्रियों से ठगी : गुजरात पुलिस का बड़ा खुलासा
संवाददाता
25 February 2026
अपडेटेड: 12:48 PM 0thGMT+0530
फर्जी वेबसाइट से तीर्थ स्थलों की बुकिंग
देशभर के प्रमुख तीर्थस्थलों पर जाने वाले श्रद्धालुओं को निशाना बनाकर साइबर ठगी का बड़ा मामला सामने आया है। गुजरात पुलिस ने ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो सोमनाथ, मथुरा, वृंदावन, काशी विश्वनाथ और नाथद्वारा जैसे धार्मिक स्थलों के नाम पर फर्जी वेबसाइट बनाकर ऑनलाइन बुकिंग के बहाने लोगों को ठग रहा था।
तीर्थस्थलों के गेस्ट हाउस की नकली साइट बनाकर करते थे बुकिंग
जांच में सामने आया कि आरोपी सोमनाथ ट्रस्ट और अन्य धार्मिक संगठनों के गेस्ट हाउस की तरह दिखने वाली वेबसाइट तैयार करते थे। इन वेबसाइटों में असली लेआउट, लोगो, मोबाइल नंबर और तस्वीरों का इस्तेमाल कर श्रद्धालुओं को भ्रमित किया जाता था, जिससे लोग इन्हें असली मानकर बुकिंग करा लेते थे।
पेमेंट के लिए क्यूआर कोड और यूपीआई का इस्तेमाल
गिरोह लोगों से क्यूआर कोड, यूपीआई और बैंक ट्रांसफर के जरिए भुगतान लेता था। भुगतान के बाद उन्हें एआई तकनीक से तैयार नकली रसीद भेज दी जाती थी। कई मामलों में पूजा और दान से जुड़े लिंक भेजकर भी रकम वसूली गई।
जयपुर से संचालित हो रहा था साइबर ठगी का नेटवर्क
पुलिस जांच में पता चला कि यह गिरोह पिछले करीब पांच महीने से जयपुर में किराए के मकान से काम कर रहा था। गुजरात पुलिस ने कार्रवाई करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो सभी कॉलेज छात्र बताए जा रहे हैं।
90 से अधिक मामलों में लोगों को बनाया शिकार
गुजरात पुलिस के अनुसार गिरोह ने 90 से ज्यादा वारदातों को अंजाम दिया। केवल सोमनाथ ट्रस्ट के नाम पर ही करीब 20 लाख रुपये की ठगी की गई। तकनीकी सर्विलांस के जरिए आरोपियों तक पहुंच बनाई गई।
देश के कई राज्यों से मिली शिकायतें, जांच जारी
इस मामले में महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, कर्नाटक, हरियाणा और दिल्ली सहित कई राज्यों से शिकायतें मिली हैं। पुलिस का कहना है कि गिरोह ने काशी, वृंदावन और नाथद्वारा से जुड़ी फर्जी वेबसाइट के माध्यम से भी ठगी की है और आगे की जांच जारी है।