बांग्लादेश में फिर हुई हिंदू व्यापारी की हत्या: पेट्रोल डालकर जलाया

khabar pradhan

संवाददाता

2 January 2026

अपडेटेड: 4:30 PM 0thGMT+0530

बांग्लादेश में फिर हुई हिंदू व्यापारी की हत्या: पेट्रोल डालकर जलाया

बांग्लादेश में फिर हिंसा -15 दिन में हिंदू को जलाने का मामला:

बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ बढ़ती जा रही है।कट्टरपंथी हिंदुओं को चुन चुन कर निशाना बना रहे हैं।
अब फिर बांग्लादेश में एक हिंदू व्यक्ति को जलाने का मामला सामने आया है।
खबरों के मुताबिक पहले धारदार हथियार से हिंदू शख्स पर वार किया और फिर पेट्रोल डालकर आग लगा दी।
ढाका के शरियातपुर में हमलावरोन एक हिंदू व्यापारी को खोकोन चंद्र दास जिसकी उम्र 50 वर्ष है,उन पर चाकू से हमला कर दिया। इसके बाद पेट्रोल डालकर आग लगा दी। जान बचाने के लिए वह पास ही के तालाब में कूद गया। खोकोन चंद्र दास को गंभीर हालत में ढाका के अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

खोकोन चंद दास एक व्यापारी है जो शरीयतपुर जिले के दामुद्दा इलाके में
केउरभंगा के बाजार में उनकी दुकान है। वे अपनी दुकान बंद कर घर लौट रहे थे। तभी कुछ बदमाशों ने उनका ऑटो रोककर हमला कर दिया। जान बचाने के लिए वह सड़क किनारे स्थित एक तालाब में कूद गए । इसके बाद स्थानीय लोगों ने उन्हें बचाया और शरियतपुर के सदर अस्पताल में पहुंचाया। जहां से उनकी हालत खराब होने पर ढाका के अस्पताल में रेफर कर दिया। हमलावर फरार बताए गए हैं।

हालत अभी नाजुक:
डॉक्टर के अनुसार उनके शरीर पर कई गंभीर छोटे हैं पेट में गहरा घाव है चेहरे सर और हाथों पर जलने के निशान है उनकी हालत गंभीर बताई गई है।
उनकी पत्नी सीमा दास का कहना है कि उन्हें समझ नहीं आया कि उनके पति को क्यों निशाना बनाया गया।
इस घटना के बाद तनाव का माहौल है पुलिस के मुताबिक इस मामले में दो लोगों को आरोपी बताया गया है रबड़ी और सुहाग। उनकी पहचान के लिए कार्रवाई कर रही है।
सूत्रों के मुताबिक अरबी और सुहाग कट्टरपंथी जमाते इस्तेमाल इस्लामी से जुड़े हुए हैं इसके पहले शरियातपुर में विदुर्गा पूजा पंडालून में भी उन्होंने तोड़फोड़ की थी जिससे कई हिंदुओं ने पुलिस को सूचना दी थी। किंतु पुलिस ले ना तो FIR दर्ज की थी ना तो दोनों आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई को अंजाम दिया था।

पिछले दिनों भी हिंदू युवक को पेड़ पर लटका कर जलाया गया था:
इसके पहले बांग्लादेश में 18 दिसंबर को दीपू नाम के व्यक्ति को भीड़ ने पीट-पीट कर मार डाला था और उसे पेड़ पर लटका कर आग लगा दी थी। चंद्र दास पर भीड़ ने ईश निंदा का झूठा आरोप लगाया था। वह एक फैक्ट्री में काम करता था । जांच में सामने आया था कि ईशनिंदा के खिलाफ उस पर कोई सबूत नहीं था।
दरअसल दीपू चंद्र दास पर यह आरोप लगाया गया था कि उसने फेसबुक पर ईशनिंदा पर टिप्पणी की थी। जिससे लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत हुई थी किंतु जांच एजेंसियों का कहना है कि अब तक कोई भी ऐसी टिप्पणी के प्रमाण नहीं मिले हैं।
बांग्लादेश में 15 दिन के अंदर तीन हिंदुओं की हत्या की जा चुकी है। दीपू चंद्र दास की हत्या के बाद 25 दिसंबर को अमृत मंडल उर्फ सम्राट की हत्या की गई थी।अमित को भीड़ ने जबरन वसूली का आरोप लगाया और उसकी हत्या कर दी। वह होसेनहांडा गांव का निवासी था।
इसके अलावा 29 दिसंबर को मैमन सिंह एक कपड़ा फैक्ट्री में काम करता था। उसकी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इसकी पहचान बृजेंद्र विश्वास के रूप में की गई थी जो फैक्ट्री में सिक्योरिटी गार्ड का काम करता था। इसकी उम्र 42 वर्ष थी।

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