बाढ़ राहत राशि घोटाले में बड़ा खुलासा:794 किसानों की राशि हड़पी:

khabar pradhan

संवाददाता

3 April 2026

अपडेटेड: 9:21 PM 0rdGMT+0530

बाढ़ राहत राशि घोटाले में बड़ा खुलासा:794 किसानों की राशि हड़पी:


3 अप्रैल 2026
मध्य प्रदेश /श्योरपुर/

बाढ़ राहत घोटाले में तहसीलदार और पटवारी की भूमिका:
जिले में हुए बाढ़ राहत घोटाले में बड़ौदा की तत्कालीन तहसीलदार और पटवारियों की भूमिका गंभीर पाई गई है। जांच रिपोर्ट के अनुसार 960 किसानों को राहत। राशि मिलनी थी, लेकिन 794 किसानों रकम की जानबूझकर गलत खातों में ट्रांसफर कर दी गई। यह राशि 127 अपात्र व्यक्तियों के खातों में भेजी गई, जो लाभार्थी सूची में शामिल नहीं थे। जांच में सामने आया कि मामला केवल गलत खातों में पैसा भेजने तक सीमित नहीं था, बल्कि राशि को योजनाबद्ध तरीके से निकालकर आगे बढ़ाया गया। वर्ष 2021 में राहत वितरण के दौरान करीब 2.57 करोड़ रुपए 87 लोगों के 127 खातों में जमा किया गया इन खातों का उपयोग वास्तविक हितग्राहियों के बजाय रकम एकत्र करने और निकालने के लिए किया गया इसमें तत्कालीन तहसीलदार अमिता सिंह तोमर वर्तमान में न्यायाधीश में है पुलिस ने 110 आरोपियों में से चार और लोगों को गिरफ्तार किया है जिससे कल गिरफ्तारियां 30 हो गई है जबकि 80 आरोपी फरार जात में सामने आया की राशि को छोटे-छोटे हिस्सों में निकाल कर लेनदेन दिखाने की कोशिश की गई। पुलिस छापेमारी कर आरोपियों की तलाश में जुटी है।

टुकड़े-टुकड़े पर निकाल कर घोटाले को दिया अंजाम:
इस बार राहत घोटाले में खातों में जमा राशि को एक साथ निकलने के बजाय अलग-अलग हिस्सों में निकाला गया। 50 हजार ,60 हजार 70, कभी 90  और कभी एक लाख तक की रकम कई खाते से क्रमबद्ध निकाली गई । कुछ खातों में बार-बार राशि जमा कर निकल गई जिससे लेनदेन सामान्य दिखे जांच में सामने आया कि एक खाते में औसतन 6 किसने की राशि डाली गई जिससे संयोजित तरीके से ट्रैक छुपाने की कोशिश की गई।

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