बाबा बागेश्वर का बयान: “भारत हिंदू राष्ट्र बने, हम घर में घुसकर मारेंगे”
संवाददाता
21 May 2025
अपडेटेड: 12:49 PM 0stGMT+0530
बाबा बागेश्वर का बयान: "भारत हिंदू राष्ट्र बने, हम घर में घुसकर मारेंगे"
बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने मंगलवार को बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में एक सभा को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने हिंदू राष्ट्र की बात की और मुजफ्फरपुर के लोगों से कहा कि अगर वे उनका साथ देंगे तो वे उन्हें हिंदू राष्ट्र देंगे. इसके अलावा, उन्होंने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम हमले और भारतीय सेना के ऑपरेशन सिंदूर पर भी अपनी राय व्यक्त की. आइए जानते हैं बाबा बागेश्वर के इस बयान की पूरी कहानी.
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने मुजफ्फरपुर की सभा में यह इच्छा जताई कि देश में चल रही राजनीतिक और सामाजिक उथल-पुथल शांत हो जाए और भारत एक हिंदू राष्ट्र बन जाए. उन्होंने सभा में मौजूद लोगों से कहा, “आज तो एक दिन के लिए यहां आया हूं, लेकिन अगले साल तीन दिन के लिए मुजफ्फरपुर आऊंगा.” इसके बाद उन्होंने जोर देते हुए कहा कि अगर हिंदू एकजुट नहीं होंगे तो जो लोग हमारे घरों में घुसकर हमला कर रहे हैं, वे इस देश में हमारी रक्षा नहीं करने देंगे.
बाबा ने इस दौरान कहा, “हमें अपने धर्म को लेकर कोई समझौता नहीं करना चाहिए.” उन्होंने भारतीय समाज को जोड़ने की अपील की और कहा कि हम सबको एक साथ मिलकर भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने के लिए काम करना चाहिए.
सिंदूर हुआ, हल्दी, मेहंदी बाकी है: बाबा बागेश्वर का बयान
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले और इसके बाद भारतीय सेना द्वारा चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर पर भी टिप्पणी की. उन्होंने कहा, “पहलगाम में धर्म विरोधियों ने धर्म पूछकर मारा, लेकिन ये 1965 और 1971 का भारत नहीं है. यह 2025 का भारत है. अब हम घर में घुसकर मार रहे हैं.”
उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए कहा, “अभी तो सिंदूर हुआ है, हल्दी और मेहंदी बांकी है. अभी तो मंगलसूत्र बांकी है.” बाबा का यह बयान भारतीय सेना की शक्ति और साहस को उजागर करता है, जो आतंकवादियों के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखे हुए है.
जातिगत गणना पर भी दिया बयान
जातिगत गणना के मुद्दे पर भी बाबा बागेश्वर ने अपनी राय रखी. उन्होंने कहा, “भारत में जातिगत गणना होनी चाहिए, लेकिन इसके साथ ही यह भी गिनती होनी चाहिए कि कितने लोग गरीब हैं और कितने अमीर. कंधों से ऊंची छाती नहीं होती है, और धर्म से बढ़कर कोई जाति नहीं होती है.”
साथ ही, उन्होंने भारत की बेटियों की सराहना की और कहा, “जिस देश की बेटियां इतनी खतरनाक हों, वहां के बेटों से फंस जाओ, तो फिर क्या होगा?” उनका यह बयान समाज में समानता और एकता की आवश्यकता को रेखांकित करता है.