बिहार में BJP का सियासी मास्टरस्ट्रोक: नीतीश के बाद CM की कुर्सी का खेल

khabar pradhan

संवाददाता

23 April 2025

अपडेटेड: 1:21 PM 0rdGMT+0530

दिलीप जायसवाल की ‘मन की बात’ से चिराग-मांझी की नींद उड़ी

बिहार की सियासत में एक बार फिर हलचल मच गई है। 2025 के विधानसभा चुनाव से पहले NDA गठबंधन के भीतर मुख्यमंत्री की कुर्सी को लेकर खींचतान तेज हो गई है। इस बार तूफान का केंद्र बने हैं बिहार BJP अध्यक्ष दिलीप जायसवाल, जिनकी ‘मन की बात’ ने नीतीश कुमार के नेतृत्व पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जायसवाल के बयानों ने NDA के सहयोगी दलों, खासकर चिराग पासवान की LJP (रामविलास) और जीतन राम मांझी की HAM की बेचैनी बढ़ा दी है। आइए, इस सियासी ड्रामे के हर पहलू को समझते हैं, जो बिहार की राजनीति में नया समीकरण लिख सकता है।
दिलीप जायसवाल की ‘मन की बात’ ने मचाया बवाल
हाल ही में दिलीप जायसवाल ने एक बयान में कहा कि 2025 के विधानसभा चुनाव में नीतीश कुमार ही NDA का मुख्यमंत्री चेहरा होंगे। लेकिन 24 घंटे के भीतर ही वे अपने बयान से पलट गए और बोले कि CM चेहरा तय करने का फैसला BJP का केंद्रीय नेतृत्व करेगा। इस यू-टर्न ने बिहार की सियासत में भूचाल ला दिया। जायसवाल का यह बयान BJP की उस रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, जिसमें नीतीश को समर्थन देने के साथ-साथ भविष्य में नया नेतृत्व लाने की जमीन तैयार की जा रही है।
सूत्रों के मुताबिक, BJP अपने दम पर बहुमत हासिल करने की स्थिति में नया CM चेहरा सामने ला सकती है। जायसवाल का यह बयान नीतीश के प्रति उनके पहले के खुले समर्थन से उलट है, जिससे NDA गठबंधन के भीतर तनाव साफ दिख रहा है। सवाल यह है कि क्या BJP नीतीश के बाद अपनी पसंद का CM लाने की तैयारी कर रही है, या यह सहयोगियों को काबू में रखने का दांव है?
चिराग पासवान और मांझी की बढ़ी टेंशन
जायसवाल के बयान ने NDA के सहयोगी दलों में खलबली मचा दी है। चिराग पासवान, जो पहले ही नीतीश कुमार के नेतृत्व पर सवाल उठा चुके हैं, अब BJP के इस रुख से असहज हैं। चिराग की LJP (रामविलास) बिहार में दलित और युवा वोटरों के बीच मजबूत आधार रखती है, और वे खुद को CM पद के दावेदार के रूप में देखते हैं। लेकिन BJP के इस नए दांव ने उनकी महत्वाकांक्षाओं पर पानी फेर दिया है। सूत्रों का कहना है कि चिराग के लिए BJP के साथ तालमेल बिठाना अब और मुश्किल हो सकता है।
इसी तरह, जीतन राम मांझी की HAM भी इस सियासी खेल में फंस गई है। मांझी ने अतीत में नीतीश के साथ कई बार मतभेद जताए हैं। जायसवाल के बयान ने मांझी के सामने भी अनिश्चितता खड़ी कर दी है, क्योंकि HAM का सीमित वोट बैंक BJP के समर्थन पर निर्भर है। मांझी और चिराग, दोनों ही अब BJP के अगले कदम पर नजर रखे हुए हैं, क्योंकि यह उनके सियासी भविष्य को तय करेगा।
BJP का ‘नीतीश बनाम नीतीश’ का दांव
BJP की रणनीति को बिहार की सियासत में ‘नीतीश बनाम नीतीश’ का खेल कहा जा रहा है। एक तरफ, BJP नीतीश कुमार को NDA का चेहरा बनाकर JDU के साथ गठबंधन को मजबूत रखना चाहती है। दूसरी तरफ, नीतीश की उम्र और स्वास्थ्य को देखते हुए पार्टी भविष्य की नेतृत्व योजना पर काम कर रही है। नीतीश के बाद CM की कुर्सी पर कौन बैठेगा, यह सवाल BJP के लिए रणनीतिक रूप से अहम है।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, BJP अपने किसी मजबूत नेता को CM पद के लिए तैयार कर सकती है, जिसमें दिलीप जायसवाल खुद भी एक संभावित नाम हो सकते हैं। जायसवाल का OBC समुदाय से होना और उनकी संगठनात्मक ताकत उन्हें मजबूत दावेदार बनाती है। हालांकि, BJP का केंद्रीय नेतृत्व अभी इस मुद्दे पर खुलकर कुछ नहीं बोल रहा है, जिससे सस्पेंस और बढ़ गया है।
बिहार की सियासत पर असर
जायसवाल की ‘मन की बात’ ने बिहार की सियासत में कई सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या नीतीश 2025 के चुनाव में NDA का चेहरा बने रहेंगे? अगर नहीं, तो BJP किसे CM पद के लिए आगे लाएगी? चिराग और मांझी जैसे सहयोगी इस नए समीकरण में अपनी जगह कैसे बनाएंगे? इन सवालों के जवाब 2025 के विधानसभा चुनाव तक बिहार की सियासत को गर्माए रखेंगे।
इस बीच, विपक्षी महागठबंधन, खासकर RJD और कांग्रेस, इस सियासी ड्रामे का फायदा उठाने की कोशिश में है। RJD नेता तेजस्वी यादव ने BJP और JDU के बीच तनाव को ‘गठबंधन की अंदरूनी लड़ाई’ करार दिया है। उन्होंने दावा किया कि बिहार की जनता अब NDA के ‘ड्रामे’ से तंग आ चुकी है और 2025 में बदलाव चाहती है।

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