भारत अमेरिका ट्रेड डील:बाजारों में आई रौनक: क्या-क्या हुआ सस्ता:

khabar pradhan

संवाददाता

4 February 2026

अपडेटेड: 1:57 PM 0thGMT+0530

भारत अमेरिका ट्रेड डील:बाजारों में आई रौनक: क्या-क्या हुआ सस्ता:



शेयर बाजार में उछाल:
भारतीय सामानों पर अमेरिकी टैरिफ 50% से 18% होने पर
  शेयर बाजार ने जोरदार छलांग लगाई है । सेंसेक्स 4864 अंक की तेजी के साथ 85,32 3 अंक पर खुला और देखते ही देखते 85871 पर पहुंच गया अंत में सेंसेक्स 2073 अंक की तेजी के साथ 83739 पर बंद हुआ । कंपनियों की बाजार पूंजी 1 दिन में ही 12 लाख करोड रुपए बढ़ गई । डॉलर के मुकाबले रुपया 126 पैसे मजबूत होकर 90.27 के स्तर पर बंद हुआ । यह रुपए में वर्ष 2018 की बाद की सबसे बड़ी तेजी बताई जा रही है।

इस डील से भारत को होगा क्या फायदा:

इस समझौते के बाद भारतीय बाजार में अमेरिकी पिस्ता ,बादाम, चेरी और सेब जैसे उत्पाद सस्ते होंगे।  क्योंकि इन पर अब आयात शुल्क नहीं लगेगा।
इधर वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि कृषि और डेयरी उत्पादों को इस समझौते से बाहर रखा गया है। जिससे अनाज ,मांस ,डेरी उत्पादकों पर कोई  राहत शुल्क नहीं मिलेगी।

इसके अलावा इलेक्ट्रॉनिक पार्ट्स भी सस्ते होंगे।
यह सभी वस्तुएं भारतीय बाजार में महंगे दाम पर बिकते हैं । यहां तक की सेब भी आम आदमी की पहुंच से दूर है। सब भारतीय बाजार में ₹100 से अधिक दाम पर बिकता है।

इलेक्ट्रॉनिक इलेक्ट्रॉनिक पार्ट और बिजली के उपकरण होंगे सस्ते:

भारत अमेरिका से तेल खरीदता है और अब इस खरीदारी को बढ़ाया जा सकता है । भारत अमेरिका और भारत और यूरोपीय यूनियन के बीच इस समझौते से चावल किसानों को भी अपने निर्यात को बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
इस डील के साथ भारत में इलेक्ट्रॉनिक आइटम के पार्ट्स, बिजली के उपकरण जीरो शुल्क पर आ जाएंगे । जिससे स्मार्टफोन के साथ बिजली के दाम भी कम होंगे।

क्या रुस से तेल लेना होगा बंद:
रूस में यह स्पष्ट किया है कि उसे भारत की ओर से रूसी तेल की खरीद बंद करने को लेकर कोई आधिकारिक सूचना नहीं मिली है।
रूस की ओर से यह सूचना तब आई है जब ट्रंप ने यह दावा किया कि पीएम नरेंद्र मोदी ने रूसी तेल खरीद बंद करने और अमेरिका और वेनेजुएला से ज्यादा तेल खरीदने पर सहमति जताई है।  रूस ने बताया है कि हमें इस बारे में नई दिल्ली से कोई बयान नहीं मिला है। उन्होंने यह भी कहा कि रूस भारत के साथ अपने रिश्ते को हर संभव तरीके से आगे बढ़ना चाहता है । रूस के ऊर्जा मंत्रालय के सूत्रों ने यह भी बताया कि उन्हें भारतीय रिफाइनरों से कोई कॉन्ट्रैक्ट रद्द करने की भी सूचना नहीं मिली है।

इस ऐतिहासिक व्यापार समझौते के बाद अमेरिकी व्यापार कानून की धारा 232 के अंतर्गत आने वाली वस्तुएं जैसे स्टील अल्युमिनियम तांबा और कुछ ऑटोमोबाइल कॉम्पोनेंट्स इस समझौते से बाहर रह सकते हैं।अभी स्टील और एल्यूमीनियम पर 50% और कुछ ऑटो पार्ट्स पर 25% टैरिफ लागू है।

कृषि डेयरी और संवेदनशील क्षेत्र अभी सुरक्षित रखे गए हैं जबकि टेक्सटाइल ,चमड़ा ,आभूषण, मछली पालन ,समुद्री उत्पाद को बड़ी राहत मिलेगी।  वाणिज्य मंत्री ने बताया कि यह समझौता उच्च प्रौद्योगिकी डाटा सेंटर और अन्य क्षेत्रों में सहयोग को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम है

इस समझौते से अमेरिका से अल्कोहल और जैतून तेल के आयात पर शुल्क में राहत मिल सकती है।सोयाबीन और मक्का को भारत में अनुमति मिलने की संभावना कम है। इस समझौते से चावल किसानों को निर्यात बढ़ाने में मदद मिलेगी।
अमेरिका में जेनेटिकली मोडिफाइड सोयाबीन और मक्के की बिक्री होती है । यह जेनेटिकली मोडिफाइड उत्पादन होने के कारण इन दोनों को सरकार भारत में आने की इजाजत नहीं दे सकती।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि भारत में शून्य शुल्क पर सामान भेजने की बात कही गई है । जिन चीजों के आयात से भारत के घरेलू मैन्युफैक्चरिंग प्रभावित हो सकती है, उन चीजों का अमेरिका कोई खास उत्पादन या निर्यात नहीं करता है।
अमेरिका से मुख्य रूप से उत्पादन और निर्यात हाईटेक उत्पाद हवाई जहाज रक्षा उत्पादन और ऑटोमोबाइल होता है।
भारत अमेरिका से तेल की खरीदारी बढ़ा सकता है।
इलेक्ट्रॉनिक आइटम के पार्ट्स सस्ते होंगे जिससे इस स्मार्टफोन और बिजली के दाम भी कम दाम पर मिल सकते हैं।

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