भारत की कृषि ताकत ने रचा इतिहास
संवाददाता
30 January 2026
अपडेटेड: 12:44 PM 0thGMT+0530
भारत ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि उसकी कृषि शक्ति अब केवल खेतों तक सीमित नहीं रही, बल्कि वैश्विक बाजार में भी उसका डंका बज रहा है। कृषि और इससे जुड़े उत्पादों के निर्यात में जबरदस्त उछाल के साथ भारत दुनिया के शीर्ष 10 कृषि निर्यातक देशों में शामिल हो गया है।
केंद्र सरकार ने आर्थिक सर्वे 2025- 26 की रिपोर्ट में इस बात का जिक्र किया है l
ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, चावल, मसाले, फल-सब्जियां, तिलहन और अन्य कृषि उत्पादों की अंतरराष्ट्रीय मांग में तेजी आई है। इसका सीधा लाभ भारतीय किसानों, कृषि उद्यमियों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिला है। खास बात यह है कि बासमती और गैर-बासमती चावल, मसालों और ताजे फलों का निर्यात रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा है।
सरकारी नीतियों, बेहतर सप्लाई चेन, डिजिटल मार्केटिंग और गुणवत्ता मानकों में सुधार के चलते भारतीय कृषि उत्पाद अब यूरोप, अमेरिका, मध्य-पूर्व और एशियाई देशों में मजबूत पहचान बना रहे हैं। निर्यात को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा दी गई सुविधाओं और योजनाओं ने भी इस सफलता में अहम भूमिका निभाई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यही रफ्तार बनी रही, तो आने वाले वर्षों में भारत न केवल कृषि उत्पादन बल्कि कृषि निर्यात में भी वैश्विक नेतृत्व की भूमिका निभा सकता है। यह उपलब्धि “आत्मनिर्भर भारत” की दिशा में एक मजबूत कदम मानी जा रही है।