भोजपुर मंदिर में तीन दिवसीय महादेव भोजपुर महोत्सव:

khabar pradhan

संवाददाता

14 February 2026

अपडेटेड: 2:11 PM 0thGMT+0530

<br>भोजपुर मंदिर में तीन दिवसीय महादेव भोजपुर महोत्सव:



शिवभक्ति, लोककला और सुगम संगीत का दिखेगा भव्य संगम:

भोपाल जिले के भोजपुर स्थित प्राचीन भोजेश्वर मंदिर में 15 फरवरी से तीन दिवसीय “महादेव भोजपुर महोत्सव” का आयोजन किया जा रहा है। यह महोत्सव शिवरात्रि के पावन अवसर पर संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित किया जा रहा है, जिसमें लोकसंस्कृति, शिवभक्ति और शास्त्रीय संगीत का अनूठा संगम देखने को मिलेगा।

प्रतिदिन होंगे सांस्कृतिक कार्यक्रम: 15 से 17 फरवरी तक:

महोत्सव में 15 से 17 फरवरी तक प्रतिदिन सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे। इस दौरान देशभर के कलाकार अपनी प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं और दर्शकों को मंत्रमुग्ध करेंगे। आयोजन में लोकनृत्य, लोकगायन और शास्त्रीय संगीत की प्रस्तुतियां प्रमुख आकर्षण रहेंगी।

महोत्सव के अंतर्गत  ऋषि विश्वकर्मा का लोक गायन, उमेश नामदेव द्वारा बधाई एवं बरेली लोक नृत्य की प्रस्तुति दी जाएगी l सुप्रसिद्ध भजन गायक लखबीर सिंह लक्खा का भक्ति गायन होगा l भोपाल की शीला त्रिपाठी लोक गायन प्रस्तुत करेंगीं l मुंबई की भावना शाह एवं साथी कलाकारों द्वारा शिव महिमा पर आधारित नृत्य नाटिका का मंचन होगा l साथ ही सुप्रसिद्ध पार्श्व गायिका का महालक्ष्मी अय्यर के सुगम संगीत की प्रस्तुति होगी l भोपाल के बलराम पुरोहित का लोक गायन भी होगा एवं आकृति जैन और साथियों द्वारा शिव केंद्रित नृत्य नाटिका भी प्रस्तुत होगी l



आयोजकों के अनुसार, इस आयोजन का उद्देश्य प्राचीन धरोहर भोजपुर मंदिर की सांस्कृतिक पहचान को और अधिक मजबूत करना है।
शिवरात्रि के पावन पर्व पर श्रद्धालुओं के लिए भक्ति और सांस्कृतिक अनुभव को यादगार बनाने की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।


विशाल शिवलिंग वाला प्राचीन शिव मंदिर:

भोजेश्वर मंदिर रायसेन जिले के भोजपुर नगर में स्थित है और भोपाल से लगभग 28 किलोमीटर दूरी पर है।
यह मंदिर 11वीं शताब्दी में राजा भोज द्वारा बनवाया गया था।  इस मंदिर की वास्तुकला का उत्कृष्ट उदाहरण देखने को मिलता है । यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है, और  विशाल शिवलिंग एक ही पत्थर से बना हुआ है । यह  दुनिया के सबसे बड़े शिवलिंग में से एक माना जाता है।

मंदिर की खासियत:

यह मंदिर बिना चुना और बिना मिट्टी बिना सीमेंट या मसाले से   सिर्फ पत्थरों से बनाया गया है।  इसका निर्माण शैली अद्भुत है।  इस शिवलिंग की ऊंचाई लगभग 7.5 फीट और इसकी परिधि 17.8 फिट है । साथ ही यह एक विशाल मंच पर स्थापित है। यह मंदिर बेतवा नदी और प्राकृतिक पहाड़ियों से घिरा हुआ है, जो धार्मिक आस्था के साथ-साथ स्थापत्य कला का अद्भुत संगम प्रस्तुत करता है।

अधूरा निर्माण बनाता है इसे बेहद खास:
ऐसी मान्यता है कि यह मंदिर एक ही रात में बनाने का लक्ष्य रखा गया था।  किंतु रात बीतने के साथ छत पूरी नहीं हो पाई।  अधूरा होने के बावजूद इसके  गर्भ गृह की ऊंचाई और मजबूती अद्भुत है।

महादेव भोजपुर महोत्सव में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और पर्यटकों के पहुंचने की संभावना है, जिससे क्षेत्र में उत्सव का माहौल बना हुआ है।

टिप्पणियां (0)