भोजशाला पर सुप्रीम कोर्ट का सुप्रीम फैसला: बसंत पंचमी पर नमाज और पूजा दोनों की इजाजत:
संवाददाता
22 January 2026
अपडेटेड: 5:16 PM 0ndGMT+0530
मध्य प्रदेश के धार जिले में भोजशाला में बसंत पंचमी पर पूजा और नमाज को लेकर सुप्रीम कोर्ट का आदेश आ गया है।
दरअसल इस बार 23 जनवरी को बसंत पंचमी शुक्रवार के दिन पड़ रही है और शुक्रवार के दिन जुम्मे की नमाज भी अदा की जाती है।
इसमें हिंदू पक्ष ने याचिका दाखिल की थी कि 23 जनवरी शुक्रवार के दिन बसंत पंचमी के दिन मुसलमानों को नमाज से रोकने की मांग की गई थी।
जिसमें हिंदू और मुस्लिम पक्ष दोनों की अपनी-अपनी दलीलें दी गई थी।
जिसमें हिंदू पक्ष का कहना था कि बसंत पंचमी साल में एक बार आती है इसमें सुबह से शाम तक हिंदुओं द्वारा पूजा की जाती है । नमाज शाम के बाद भी पढ़ी जा सकती है। तब तक हिंदुओं को पूजा की इजाजत दी जाए।
सुप्रीम कोर्ट का आया सुप्रीम फैसला:
, जहां बसंत पंचमी और जुमे की नमाज को लेकर सुप्रीम कोर्ट का अहम फैसला सामने आया है… सुप्रीम कोर्ट ने भोजशाला विवाद पर स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए पूजा और नमाज—दोनों के लिए अलग-अलग समय तय कर दिया है। कोर्ट के आदेश के मुताबिक, बसंत पंचमी की पूजा सुबह 12 बजे तक होगी, जबकि जुमे की नमाज दोपहर 1 बजे से 3 बजे तक अदा की जाएगी। खास बात ये है कि इस बार बसंत पंचमी शुक्रवार को ही पड़ रही है, जिस वजह से प्रशासन और ज्यादा सतर्क है…
आपको बता दें कि धार स्थित भोजशाला में मां वाग्देवी की प्रतिमा है और यह स्थल पुरातत्व विभाग के अधीन आता है। हिंदू और मुस्लिम पक्ष लंबे समय से अपने-अपने दावे करते रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट के पुराने निर्देशों के अनुसार, हिंदू समाज को हर मंगलवार पूजा और मुस्लिम समाज को हर शुक्रवार नमाज की अनुमति है। . लेकिन इस बार बसंत पंचमी और जुमे का दिन एक साथ पड़ने के कारण मामला संवेदनशील हो गया था। इसी को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने प्रशासन को सख्त सुरक्षा व्यवस्था के निर्देश दिए हैं। . कोर्ट ने साफ कहा है कि मंदिर परिसर में पूजा और नमाज की अलग-अलग व्यवस्था होगी। आने-जाने के रास्ते अलग होंगे, ताकि किसी तरह की टकराव की स्थिति न बने। साथ ही परिसर में प्रवेश करने वालों के लिए विशेष पास जारी किए जाएंगे और बैरकेडिंग की जाएगी। . मध्य प्रदेश सरकार और प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। भोजशाला परिसर में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों से पूरे इलाके पर नजर रखी जा रही है। बाहर के जिलों से भी अतिरिक्त फोर्स बुलाई गई है।
गौरतलब है कि हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर केवल पूजा की अनुमति देने की मांग की थी,लेकिन कोर्ट ने दोनों पक्षों को संतुलन के साथ अनुमति दी है। मध्य प्रदेश का कहना है कि हम कानून व्यवस्था का पूरी तरह ख्याल रखेंगे मध्य प्रदेश सरकार की ओर से एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ने कोर्ट को अशास्त करते हुए कहा कि किसी भी तरह की कानून व्यवस्था में समस्या ना आए इसका पूरी तरह ध्यान रखा जाएगा।
अब देखना होगा कि प्रशासन इन निर्देशों को कितनी सख्ती से लागू करता है और क्या भोजशाला में शांति और सौहार्द बना रहता है…