भोपाल के प्राइवेट स्कूलों की मनमानी: NCERT छोड़ निजी प्रकाशकों की महंगी किताबों से हो रही पढ़ाई, प्रशासन सख्त

khabar pradhan

संवाददाता

11 April 2026

अपडेटेड: 1:12 PM 0thGMT+0530

11 अप्रैल 2026

भोपाल:
भोपाल शहर के निजी स्कूलों में शिक्षा के नाम पर अभिभावकों की जेब ढीली करने का नया मामला सामने आया है। शहर के कई प्रतिष्ठित प्राइवेट स्कूल सरकारी नियमों को ताक पर रखकर एनसीईआरटी (NCERT) की जगह निजी प्रकाशकों की महंगी किताबें चला रहे हैं। इतना ही नहीं, पेरेंट्स पर तय दुकानों से ही किताबें खरीदने का दबाव भी बनाया जा रहा है।

जांच में खुली स्कूलों की पोल
एमपी नगर क्षेत्र में मिल रही शिकायतों के बाद एसडीएम लक्ष्मीकांत खरे ने सेंट जेवियर और एमजीएम स्कूल की जांच के आदेश दिए थे। जांच के लिए बनाई गई टीम में को-एड स्कूल भेल और एमजीएम को-एड सीनियर हायर सेकेंडरी स्कूलों के सदस्य शामिल थे। जांच दल ने जब सेंट जेवियर सीनियर को-एड स्कूल और एमजीएम को-एड सीनियर हायर सेकेंडरी स्कूल का निरीक्षण किया, तो पाया कि यहाँ धड़ल्ले से प्राइवेट पब्लिकेशन की किताबों से पढ़ाई कराई जा रही है।

अभिभावकों पर दोहरी मार
निजी स्कूलों की इस मनमानी के कारण अभिभावकों को दो तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है:
1. महंगी किताबें: प्राइवेट पब्लिशर्स की इन किताबों की कीमत एनसीईआरटी की किताबों के मुकाबले कई गुना ज्यादा है।
2. कमीशन का खेल: स्कूल संचालक अभिभावकों को खास दुकानों से ही सेट खरीदने के लिए मजबूर कर रहे हैं, जिससे बाजार में मिलने वाले डिस्काउंट का लाभ भी उन्हें नहीं मिल पा रहा है।

नियम उल्लंघन पर होगी बड़ी कार्रवाई
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) के स्पष्ट निर्देश हैं कि स्कूलों में एनसीईआरटी की किताबों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। एसडीएम ने बताया कि जांच में यह साफ हो गया है कि स्कूल प्रबंधन ने सरकारी नोटिफिकेशन और नियमों का पालन नहीं किया है। इस लापरवाही और मनमानी के कारण अब इन स्कूलों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
प्रशासन की इस सक्रियता के बाद अब शहर के अन्य निजी स्कूलों में भी हड़कंप मचा हुआ है। आने वाले दिनों में कुछ और बड़े स्कूलों पर भी जांच की गाज गिर सकती है।

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