भोपाल में अब सार्वजनिक जगहों पर सिगरेट पी तो लगेगा जुर्माना और होगी चालानी कार्रवाई
संवाददाता
10 April 2026
अपडेटेड: 3:27 PM 0thGMT+0530
10 अप्रैल 2026
भोपाल:
भोपाल को तंबाकू और धूम्रपान से पूरी तरह मुक्त बनाने के लिए जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। अब अगर आप बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन या किसी सरकारी दफ्तर जैसी सार्वजनिक जगहों पर धूम्रपान करते पाए गए, तो आपको मौके पर ही जुर्माना भरना होगा।
कलेक्टर कार्यालय में हुई बड़ी बैठक
हाल ही में भोपाल कलेक्टर कार्यालय में ‘राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम’ के तहत एक जिला स्तरीय बैठक बुलाई गई। इस बैठक की अध्यक्षता अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी (एडीएम) सुमित पांडे ने की। बैठक में यह साफ कर दिया गया कि युवाओं को नशे की लत से बचाने के लिए ‘कोटपा एक्ट 2003’ के नियमों को अब बहुत कड़ाई से लागू किया जाएगा।
सार्वजनिक स्थानों पर पाबंदी और जुर्माना
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अस्पताल, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, सरकारी दफ्तर और स्कूल-कॉलेज जैसे सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान करना एक दंडनीय अपराध है। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर 200 रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है। अब पुलिस और नगर निगम की टीमें ऐसे स्थानों पर सक्रिय रहेंगी और नियम तोड़ने वालों के खिलाफ तुरंत चालानी कार्रवाई करेंगी।
स्कूल-कॉलेजों के आसपास बढ़ेगी सख्ती
बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णयों के अनुसार, अब किसी भी स्कूल या कॉलेज के 100 गज के दायरे में तंबाकू उत्पादों (बीड़ी, सिगरेट, गुटखा) की बिक्री पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी। प्रशासन यह सुनिश्चित करेगा कि शैक्षणिक संस्थानों के आसपास ऐसी दुकानें न हों जो युवाओं को नशे की ओर धकेलें।
पुलिस और खाद्य विभाग की संयुक्त कार्रवाई
एडीएम सुमित पांडे ने कहा कि तंबाकू नियंत्रण केवल एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं है। इसमें पुलिस, शिक्षा विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग और खाद्य विभाग को मिलकर काम करना होगा। अब ये विभाग समय-समय पर औचक निरीक्षण (सरप्राइज चेकिंग) करेंगे। इस काम में प्रशासन गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) की मदद भी ले रहा है।
सीएमएचओ डॉ. मनीष शर्मा और नोडल अधिकारी डॉ. ज्योतिर्मय चक्रवर्ती ने बताया कि केवल चालान काटना ही मकसद नहीं है, बल्कि लोगों को जागरूक करना भी जरूरी है। इसके लिए स्कूल-कॉलेजों में विशेष जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे ताकि आने वाली पीढ़ी को तंबाकू के दुष्प्रभावों से बचाया जा सके।
इस बैठक में अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त नीतू सिंह ठाकुर सहित विभिन्न विभागों के आला अधिकारी मौजूद रहे। प्रशासन की इस सख्ती का उद्देश्य भोपाल को एक स्वस्थ और स्वच्छ शहर बनाना है।