भोपाल में बम की धमकी से हड़कंप: एम्स, पासपोर्ट कार्यालय और पीपुल्स यूनिवर्सिटी को ईमेल
संवाददाता
3 March 2026
अपडेटेड: 3:54 PM 0rdGMT+0530
3 march 2026
भोपाल। राजधानी में सोमवार तड़के एक धमकी भरे ईमेल से हड़कंप मच गया। भोपाल स्थित एम्स, क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय और पीपुल्स यूनिवर्सिटी को बम से उड़ाने की धमकी दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गईं और संबंधित परिसरों को खाली कराकर सघन जांच अभियान चलाया गया।
पुलिस के अनुसार, सुबह करीब 3:48 बजे संस्थानों को एक ईमेल मिला, जिसमें परिसर में बम रखे होने और दोपहर 12:15 बजे विस्फोट की बात कही गई थी। ईमेल में धार्मिक स्थलों और अन्य स्थानों का भी उल्लेख किया गया था। सूचना मिलते ही पुलिस, बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वॉड मौके पर पहुंचे। कई घंटे तक तलाशी अभियान चला, लेकिन कहीं कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली।
पीपुल्स यूनिवर्सिटी और पासपोर्ट कार्यालय में एहतियातन कर्मचारियों और लोगों को बाहर निकाला गया। सुरक्षा घेरा बनाकर हर हिस्से की जांच की गई। अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल यह धमकी अफवाह साबित हुई है, हालांकि ईमेल भेजने वाले की पहचान करने के प्रयास जारी हैं। साइबर क्राइम टीम को भी जांच में शामिल किया गया है।
पुराने शहर के जीपीओ को भी मिला धमकी भरा मेल
इसी बीच, भोपाल के पुराने शहर स्थित रॉयल मार्केट के जनरल पोस्ट ऑफिस (जीपीओ) को भी धमकी भरा ईमेल मिला। यहां भी पुलिस ने बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वॉड के साथ तलाशी ली, लेकिन कुछ संदिग्ध नहीं मिला। टीआई काशीनाथ सिंह ने बताया कि साइबर सेल यह पता लगाने में जुटी है कि ईमेल कहां से भेजा गया। आशंका है कि पहचान छिपाने के लिए डार्क वेब या वीपीएन का उपयोग किया गया हो।
पहले भी मिल चुके हैं ऐसे मेल
भोपाल में इससे पहले भी धमकी भरे ईमेल मिल चुके हैं।
फरवरी 2025 में पिपलानी के एक स्कूल को तेलुगु भाषा में बम से उड़ाने की धमकी मिली थी।
मार्च 2025 में गांधी नगर के पोद्दार इंटरनेशनल स्कूल, tt नगर के सेंट मैरी स्कूल को इसी तरह का मेल भेजा गया था।
जुलाई 2025 में राजा भोज हवाई अड्डे को भी बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी, हालांकि जांच में कुछ नहीं मिला।
पुलिस उपायुक्त विवेक सिंह ने बताया कि एम्स, पीपुल्स यूनिवर्सिटी और पासपोर्ट कार्यालय को भेजे गए मेल की डॉग स्क्वॉड से जांच कराई गई, जो अफवाह निकली। उन्होंने कहा कि इस तरह के मेल देश के अन्य हिस्सों में भी भेजे जाने की जानकारी सामने आई है। फिलहाल ईमेल के स्रोत का पता लगाने के लिए साइबर जांच जारी है।