13 अप्रैल 2026

मंदसौर:
मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले में पुलिस ने मिलावटखोरों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की है। गरोठ थाना क्षेत्र के गांधीसागर जलाशय के पास चचावदा चोकटीया गांव में पुलिस ने आधी रात को एक डेयरी पर छापा मारा, जहां बड़े पैमाने पर सिंथेटिक (नकली) दूध बनाने का खेल चल रहा था। मौके से इतना केमिकल बरामद हुआ है जिससे करीब 25 हजार लीटर जहरीला दूध तैयार किया जा सकता था।
आधी रात को हुई कार्रवाई
शनिवार और रविवार की दरम्यानी रात करीब डेढ़ बजे जब पूरी दुनिया सो रही थी, तब पुलिस ने इस अवैध फैक्ट्री पर दस्तक दी। छापेमारी के दौरान पुलिस को वहां भारी मात्रा में यूरिया, खतरनाक केमिकल, कास्टिक सोडा और दूध पाउडर मिला। इसके अलावा करीब 700 लीटर तैयार नकली दूध का स्टॉक भी बरामद किया गया। खाद्य विभाग के विशेषज्ञों का मानना है कि इस सामग्री का असली दूध की डेयरी में कोई काम नहीं होता, जिससे साफ है कि यहाँ सिर्फ जहर घोला जा रहा था।
हर दिन शहरों में खपाया जा रहा था 10 हजार लीटर जहर
पुलिस के अनुमान के मुताबिक, इस फैक्ट्री से रोजाना 5 से 10 हजार लीटर सिंथेटिक दूध तैयार कर आसपास के शहरों में सप्लाई किया जा रहा था। यह दूध न केवल आम घरों में पहुंच रहा था, बल्कि शादियों और बड़े आयोजनों में भी इसकी भारी मांग थी। नकली दूध में फैट बढ़ाने के लिए यूरिया और सल्फ्यूरिक एसिड जैसे खतरनाक रसायनों का इस्तेमाल किया जा रहा था, जबकि झाग बनाने के लिए कास्टिक सोडा मिलाया जाता था।
आगरा का ‘केमिस्ट’ निकला मास्टरमाइंड
पुलिस ने मौके से आगरा के रहने वाले एक युवक मनीष को हिरासत में लिया है। आरोपी खुद को केमिस्ट बताता है और उसी की देखरेख में रसायनों का यह घातक मिश्रण तैयार किया जा रहा था। आरोपी ने गांव के ही एक व्यक्ति का बाड़ा किराए पर लेकर वहां दो कमरों में यह अवैध लैब और फैक्ट्री बना रखी थी।
सैंपल जांच के लिए लैब भेजे गए
खाद्य विभाग की टीम ने मौके से दूध और केमिकल्स के नमूने लेकर जांच के लिए लैब भेज दिए हैं। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि इस काले कारोबार के तार और कहां-कहां जुड़े हैं। इससे पहले कोटड़ा बुजुर्ग में भी एक ऐसी ही कार्रवाई हुई थी, जहां मिलावटी दूध पाए जाने पर 2 हजार लीटर दूध को मौके पर ही नष्ट कर दिया गया था।
प्रशासन की इस मुस्तैदी ने एक बड़ी साजिश का पर्दाफाश किया है, लेकिन यह घटना एक बार फिर चेतावनी दे रही है कि बाजार से दूध खरीदते समय बेहद सावधान रहने की जरूरत है।