मकर संक्रांति पर उत्सव की उमंग- शहर में श्रद्धा भक्ति और परंपराओं के विविध आयोजन

khabar pradhan

संवाददाता

15 January 2026

अपडेटेड: 6:19 PM 0thGMT+0530

मकर संक्रांति पर उत्सव की उमंग- शहर में श्रद्धा भक्ति और परंपराओं के विविध आयोजन



मकर संक्रांति और षटतिला एकादशी के अवसर पर राजधानी के मंदिरों में श्रद्धा आस्था का माहौल देखने को मिला । धार्मिक अनुष्ठान, विशेष पूजन भजन ,कीर्तन, खिचड़ी उत्सव और पतंग लीला जैसे आयोजनों के साथ मकर संक्रांति का पर्व परंपरागत रूप से मनाया गया । कई मंदिरों में रुद्राभिषेक ,हवन ,सूर्य उपासना और विशेष श्रृंगार के दर्शन हुए । दूसरी तरफ सामाजिक संस्थाओं ने भी भंडारे ,प्रसादी वितरण और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया।

बिरला मंदिर में:

मकर संक्रांति के अवसर पर बिरला मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ देखने को मिली। वहां के व्यवस्थापक के के पांडेय के अनुसार शाम तक दर्शन का यह सिलसिला चलता रहा।

भेल बरखेड़ा स्थित अय्यप्पा मंदिर:

बरखेड़ा स्थित अय्यप्पा मंदिर में मकर संक्रांति के अवसर पर भगवान अय्यप्पा का विशेष अष्टाभिषेक किया गया।  केरल के सबरीमाला मंदिर से मंगाई गई भस्म, केरल से आया नारियल जल, शहद गंगाजल सहित आठ पवित्र वस्तुओं से अभिषेक हुआ।  करीब 100 भक्तों द्वारा घरों से लाया गया 10 किलो शुद्ध घी अर्पित किया गया । स्वामी शरणम अयप्पा का मंत्र जाप के साथ पूजा हुई और केरल के पारंपरिक वाद्य यंत्रों की धुन पर कपूर आरती की गई।  शाम को 1000 दीप जलाकर दीप आराधना की गई।

शहर के विभिन्न खाटू श्याम मंदिरों में षटतिला एकादशी पर विशेष श्रृंगार ज्योति  प्रज्वलन और भजन संध्याएं की गई।  टीटी नगर स्थित मां वैष्णो देवी धाम आदर्श नवदुर्गा मंदिर में फूल बंगले के रूप में दरबार को सजाया गया।  गुफा मंदिर सहित कई शिवालियों में कृष्ण मंदिरों में कई आयोजन किए गए।

मारवाड़ी रोज रोड स्थित श्री हित रसिक मंडली मंदिर और इब्राहिमपुर के राधा वल्लभ मंदिर में खिचड़ी उत्सव के दौरान भगवान बांके बिहारी की विशेष झांकी सजाई गई।  मंदिर सेवाकार पंडित भूपेश आचार्य के अनुसार दीपों की रोशनी में भक्तों को विशेष दर्शन प्राप्त हुए।
फतेहगढ़ स्थित गहोई वैश्य समाज के मंदिर में भगवान सूर्य देव की पीतल प्रतिमा का अभिषेक किया गया । पंडित चेतन पारे ने बताया कि संक्रांति पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु सूर्य उपासना के लिए पहुंचें।

शहर में मलयाली और तमिल समाज ने मकर संक्रांति के अवसर पर पारंपरिक श्रद्धा और उल्लास के साथ अपने-अपने पर्व मनाए । मलयाली समाज ने मकर संक्रांति का यह महोत्सव धूमधाम से मनाया ।श्रजबकि तमिल समाज ने पोंगल पर्व के लिए घरों में पूजा अर्चना की ।

दादाजी धाम मंदिर में:
दादाजी धाम मंदिर के सेवा समिति के अध्यक्ष शिवरतन नामदेव ने बताया कि मकर संक्रांति पर एकादशी होने के कारण भगवान को दलिया की खिचड़ी का भोग लगाया गया । बाफला दाल और भरता की प्रसादी के साथ पर्यावरण के अनुकूल भंडारे का आयोजन किया गया।  यहां पर एक चिकित्सा शिविर भी लगाया गया।

माघ मास की द्वादशी तिथि के अवसर पर इब्राहिमपुरा स्थित राधाबल्लभ मंदिर में आज गुरुवार को भगवान श्री राधावल्लभ लाल जी का पारंपरिक ब्याहुला मनोरथ श्रद्धा और भक्ति के साथ आयोजित किया जाएगा।  इसमें सुबह खिचड़ी उत्सव की श्रृंखला में विभिन्न लीलाओं के दर्शन कराए जाएंगे और शाम को भगवान श्री राधाबल्लभ जी महाराज और श्री राधा रानी जी दूल्हा दुल्हन के स्वरूप में श्रद्धालुओं को दर्शन देंगे । यह ब्याहुला उत्सव मंडल के तत्वावधान में आयोजित किया जाएगा । यह जानकारी देते हुए मंदिर के आचार्य भूपेश वल्लभ ने बताया कि यह ब्याहुला अवसर पर भगवान का भव्य फूल बंगला सजाया जाएगा । इसके लिए करीब 5 क्विंटल  फूल गुलाब गेंदा सहित बहुत से सुगंधित फूलों का उपयोग किया जाता है।
मनुआभान की टेकरी लाल घाटी पर सिंधु सभा सिंधु मेला समिति और स्वरांजलि संगीत शाला के संयुक्त आयोजन में पतंग उत्सव और  पारिवारिक पिकनिक से उत्सव की धूम रही। यहां के अध्यक्ष मनीष दरयानी ने बताया कि रंग बिरंगी पतंग से आसमान भर गया और इसके बाद संगीत का भी एक रंगारंग कार्यक्रम आयोजित किया गया।

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