मध्य प्रदेश की आदिवासी भूमि को लेकर हुआ बड़ा खुलासा: कई IAS अफसरों की अनुमति से किया गया यह कारनामा:
संवाददाता
27 February 2026
अपडेटेड: 5:18 PM 0thGMT+0530
आदिवासियों की जमीन मामले को लेकर विपक्ष ने सदन में किया जोरदार विरोध:
मध्य प्रदेश में आदिवासियों की जमीन गैर आदिवासियों को बेचने का मुद्दा सुर्खियां बना हुआ है । सदन में पूर्व गृहमंत्री वाला बच्चन के सवाल के जवाब में राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने बताया कि बुरहानपुर खंडवा और इंदौर में 2009 से 2023 के बीच 650 हेक्टेयर आदिवासियों की जमीन गैर आदिवासियों को बेचने की अनुमति कई आईएएस अफसर ने दी।
इनमें से इंदौर जिले में लगभग 500 एकड़ जमीन को गैर आदिवासियों को बेचे जाने की अनुमति दी गई है। इन अनुमतियों में इंदौर में कलेक्टर रहे 6 आईएएस अफसर ने दी थी ।इनमें से 28 मामलों में कलेक्टर ने सीधे अनुमति दी। जबकि 72 मामलों में अपर कलेक्टर की अनुमति से किया गया। खंडवा जिले में सबसे ज्यादा लगभग 288.63 हेक्टेयर जमीन बड़वानी में चार, खरगोन में 11 और धार में 143 प्रकरणों में आदिवासियों की जमीन गैर आदिवासियों को बेचने की अनुमति दी गई है।
4 IAS पर हो चुका है केस :
2023 में जबलपुर कटनी जिलों में आदिवासियों की जमीन गैर आदिवासियों को बेचने की अनुमति देने पर चार आईएएस अफसर पर दर्ज हो चुका है।
दीपक सिंह ,ओमप्रकाश श्रीवास्तव, बसंत कुर्रे और एमपी पटेल पर लोकायुक्त ने केस दर्ज किया है वही 2016 में बैतूल में अपर कलेक्टर पवन जैन भी ऐसे ही मामले में पहले सस्पेंड हो चुके हैं।
जो सवालों के घेरे में है । इस मामले को लेकर विपक्ष ने जोरदार विरोध किया। उनका कहना है कि आदिवासी समुदाय की जमीन को इस तरह गैर आदिवासियों के बेचने की अनुमति देना, उनकी पहचान और अधिकारों के खिलाफ है। कांग्रेस विधायक वाला बच्चन ने इसे आदिवासियों के साथ न्याय बताया है और मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।