मध्य प्रदेश में आंधी और ओलावृष्टि से फसलें बर्बाद; 33 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी
संवाददाता
2 April 2026
अपडेटेड: 12:26 PM 0ndGMT+0530
2 अप्रैल 2026
भोपाल:
मध्य प्रदेश में मौसम का मिजाज पूरी तरह बिगड़ गया है। एक तरफ जहां सूरज की तपिश बढ़ रही है, वहीं दूसरी ओर बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की कमर तोड़ दी है। गुरुवार को सीहोर, विदिशा, बैतूल और सिवनी समेत कई जिलों में तेज हवाओं के साथ ओले गिरे, जिससे गेहूं, चना और सरसों की खड़ी फसल को भारी नुकसान पहुँचा है।
4 अप्रैल तक ‘ऑरेंज अलर्ट’ पर मध्य प्रदेश
मौसम विभाग ने प्रदेश के 33 जिलों के लिए चेतावनी जारी की है। वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक डॉ. ई. सुंदन के मुताबिक, वेस्टर्न डिस्टरबेंस और साइक्लोनिक सर्कुलेशन के एक्टिव होने की वजह से 4 अप्रैल तक मौसम ऐसा ही बना रहेगा।
छिंदवाड़ा, सिवनी और पांढुर्णा जैसे जिलों में आंधी-बिजली और ओलावृष्टि का सबसे ज्यादा असर दिख सकता है।
कई इलाकों में 70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है।
कहीं ओले, तो कहीं भीषण गर्मी
हैरानी की बात यह है कि प्रदेश दो हिस्सों में बंटा नजर आ रहा है। एक तरफ बारिश हो रही है, तो दूसरी तरफ पारा आसमान छू रहा है।
नर्मदापुरम में तापमान 40.3 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच गया है, जो सामान्य से काफी अधिक है।
ग्वालियर, रीवा और सागर, इन संभागों के जिलों में भी तापमान सामान्य से 1.6 से 4.1 डिग्री तक ऊपर बना हुआ है।
15 अप्रैल के बाद पूरे मध्य प्रदेश में भीषण गर्मी का दौर शुरू हो जाएगा और दिन-रात के तापमान में जबरदस्त बढ़ोतरी होगी।
अगले 24 घंटों में कैसा रहेगा आपके शहर का हाल?
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार
छिंदवाड़ा, सिवनी, पांढुर्णा, बैतूल, बुरहानपुर, अनूपपुर, डिंडोरी, जबलपुर, नरसिंहपुर, मंडला, बालाघाट में आंधी के साथ बिजली और ओले गिरने की संभावना है l
खरगोन, बड़वानी, धार, इंदौर, उज्जैन, देवास, शाजापुर में तेज आंधी लगभग 40-50 km/h की रफ्तार से चल सकती है l
भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, खंडवा, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, सागर, टीकमगढ़, छतरपुर में भी हवा के साथ हल्की बारिश हो सकती है l
रिकॉर्ड तोड़ रहा है अप्रैल का महीना
इतिहास पर नजर डालें तो अप्रैल का महीना हमेशा से अनिश्चित रहा है।
गर्मी का रिकॉर्ड: 29 अप्रैल 1996 को भोपाल में पारा 44.4 डिग्री पहुँच गया था।
बारिश का रिकॉर्ड: 20 अप्रैल 2013 को भोपाल में महज 24 घंटे के भीतर 30.8 मिमी बारिश दर्ज की गई थी।
मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि बिजली कड़कने के दौरान पेड़ों के नीचे शरण न लें और खुले मैदान में जाने से बचें। किसान भाई कटी हुई फसल को सुरक्षित स्थानों पर ढक कर रखें।