मध्य प्रदेश में करीब 4 लाख सरकारी शिक्षक पात्रता परीक्षा का कर रहे विरोध: 12 अप्रैल को करेंगे बड़ा प्रदर्शन:
संवाददाता
10 March 2026
अपडेटेड: 6:13 PM 0thGMT+0530
मध्य प्रदेश/ 10 मार्च 2026:
सरकारी शिक्षकों का पात्रता परीक्षण के खिलाफ बड़ा प्रदर्शन:
मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूल के साढे लाख शिक्षक सरकार के एक नए आदेश से सड़कों पर उतरने की तैयारी कर रहे हैं।
दरअसल हाल ही में स्कूल शिक्षा विभाग की तरफ से एक आदेश जारी किया गया है जिसमें कहा गया है कि जिन शिक्षकों की नियुक्ति आरटीई 2009 लागू होने से पहले हुई थी ,उन्हें आगे नौकरी में बने रहने के लिए टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट यानी पात्रता परीक्षा पास करना जरूरी है। सभी शिक्षा अधिकारियों को यह निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
पात्रता परीक्षा देनी होगी अनिवार्य:
इस निर्देश में यह बताया गया है कि जिन शिक्षकों के रिटायरमेंट में 5 साल से ज्यादा का समय बचा हुआ है उन्हें भी यह परीक्षा देनी होगी। और परीक्षा पास करने के लिए शिक्षकों को सिर्फ 2 साल का समय दिया जाएगा ।इसमें फेल होने वाले या परीक्षा न देने वाले शिक्षकों को नौकरी से निकाल दिया जाएगा। सरकार ने यह फैसला शिक्षा का अधिकार अधिनियम के नियमों के तहत लिया है।
ईअटेंडेंस से भी शिक्षक हो रहे परेशान:
अभी ई-अटेंडेंस के खिलाफ शिक्षकों का विरोध जारी है और अब एक नया स्कूल शिक्षा विभाग ने पात्रता परीक्षा करवाने का आदेश जारी कर दिया। इसके बाद शिक्षक बच्चों की परीक्षा खत्म होने का इंतजार कर रहे हैं।
राज्य शिक्षक संघ के प्रांत अध्यक्ष भरत पटेल ने कहा है कि संघ 12 अप्रैल को भोपाल में बड़ा प्रदर्शन करने जा रहा है । इस दौरान मुख्यमंत्री मोहन यादव और स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह से मिलकर मांग की जाएगी कि शिक्षकों और उनके परिवारों के हितों को देखते हुए सरकार निर्णय लें।
12 अप्रैल को करेंगे प्रदर्शन:
मार्च में परीक्षाएं खत्म हो रही है इसके बाद अप्रैल के पहले हफ्ते में एडमिशन की प्रक्रिया भी पूरी हो जाएगी । इसलिए संघ ने 12 अप्रैल को प्रदर्शन का निर्णय लिया है। जिससे छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ ना हो सके।