मध्य प्रदेश में भी लागू होगा UCC:अगले 6 माह में UCC लागू करने की तैयारी:
संवाददाता
8 April 2026
अपडेटेड: 6:41 PM 0thGMT+0530
8 April 2026
Madhya Pradesh:
मध्यप्रदेश अब समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने की तैयारी में है। असम और गुजरात के बाद मप्र भी इस दिशा में आगे बढ़ रहा है। मंगलवार को कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंत्रियों से कहा कि यूसीसी का अध्ययन करें, इसे राज्य में लागू करना है। सीएम के संकेत के बाद गृह विभाग में प्रक्रिया तेज हो गई है, क्योंकि यूसीसी बिल तैयार करने की जिम्मेदारी इसी विभाग की है। सूत्रों के अनुसार, जल्द राज्य स्तर पर एक उच्चस्तरीय कमेटी गठित होगी। राज्य सरकार छह माह के भीतर यूसीसी बिल लाने की तैयारी में है। इसके लिए दिल्ली से भी मप्र को संकेत मिल चुके हैं।
मध्य प्रदेश सरकार यूनीफॉर्म सिविल कोड लागू करने की तैयारी तेज कर चुकी है, इसके लिए गोवा, उत्तराखंड और गुजरात के मॉडल का अध्ययन किया जा रहा है… गृह विभाग इसके लिए स्टेट लेवल कमेटी भी बनाएगा, सरकार आगामी मानसून सत्र में UCC से जुड़ा बिल पेश कर सकती है, कानून बनाने से पहले कानूनी विशेषज्ञों और सामाजिक संगठनों से चर्चा की जाएगी ताकि किसी वर्ग की भावनाओं को ठेस न पहुंचे और कानून व्यावहारिक तरीके से लागू हो सके….अगर UCC लागू होता है, तो सभी धर्मों के लिए विवाह, तलाक और संपत्ति के नियम एक जैसे होंगे, बेटा-बेटी को संपत्ति में समान अधिकार मिलेंगे और लिव-इन रिलेशनशिप का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य होगा, मध्य प्रदेश में बड़ी संख्या में आदिवासी समुदाय रहते हैं, उनकी परंपराओं को ध्यान में रखते हुए सरकार संवेदनशील और व्यावहारिक कानून बनाने की कोशिश कर रही है, देश में गोवा, उत्तराखंड और गुजरात में पहले ही UCC लागू है, गोवा का कानून 1867 का पुर्तगाली सिविल कोड है, उत्तराखंड में फरवरी 2024 में बिल पास हुआ और जनवरी 2025 से लागू है, गुजरात में मार्च 2026 में UCC बिल पारित हुआ और अब इसे लागू करने की प्रक्रिया चल रही है….
1..यूसीसी लागू होने पर मूल बदलाव में क्या असर:
सभी धर्मों के लिए शादी, तलाक, विरासत और गोद लेने के नियम एक समान हो जाएंगे। अलग-अलग पर्सनल लॉ खत्म हो जाएंगे।
2..- अभी हर धर्म के अपने नियम हैं। यूसीसी के बाद विवाह पंजीकरण अनिवार्य होगा। न्यूनतम आयु समान होगी, तलाक के कानूनी आधार सभी के लिए एक होंगे।
3..कई पर्सनल लॉ में एक से अधिक विवाह की अनुमति या गुंजाइश है। यूसीसी लागू होते ही पूरी तरह प्रतिबंधित।
4..बेटियों को पिता की संपत्ति में बेटों के बराबर अधिकार मिलेगा। यह नियम सभी धर्मों पर समान लागू होगा।
यूसीसी लागू करने में मप्र में सबसे बड़ी चुनौती :
– मप्र में बड़ी संख्या में जनजातीय और विशेष पिछड़ी जनजातियां हैं, जहां पारंपरिक विवाह पद्धतियां प्रचलित हैं। इन परंपराओं को यूसीसी में शामिल करना या अलग प्रावधान चुनौती होगी।
दापा प्रयाः वधु मूल्य देना।
भगेली/लम्सना विवाहः युवक-युवती भागकर शादी करते हैं, बाद में समाज मान्यता देता है।
सेवा विवाहः वधु मूल्य न देने पर लड़का ससुराल में रहकर सेवा करता है।
नातरा प्रथाः विधवा पुनर्विवाह या साथी बदलने की अनुमति ।
किन राज्यों में यूसीसी लागू या प्रक्रिया में है:
गुजरातः मार्च 2026 में बिल पास, लागू करने की तैयारी।
गोवाः 1867 के पुर्तगाली सिविल कोड के कारण यहां यूसीसी पहले से लागू।
असमः नवंबर 2025 में बहुविवाह निषेध कानून पास, यूसीसी की दिशा में कदम
उत्तराखंडः फरवरी 2024 में बिल पास, 27 जनवरी 2025 से लागू।
उत्तर प्रदेशः यूसीसी लागू की तैयारी चल रही है।