मध्य प्रदेश सरकार पर बढ़ा कर्ज का बोझ : ढाई हजार करोड़ का लिया गया नया लोन:
संवाददाता
28 March 2026
अपडेटेड: 4:00 PM 0thGMT+0530
28 मार्च 2026 :
मध्य प्रदेश:
वित्तीय वर्ष के अंत में सरकार ने लिया चौथी बार कर्ज:
मध्य प्रदेश सरकार ने इस मार्च महीने में चौथी बार कर्ज लिया है जिससे सरकार का करीब ढाई हजार करोड़ का कर्ज हो चुका है। मार्च महीने में ही सरकार ने 18700 करोड़ का कर्ज ले लिया है जिससे इस पूरे वित्तीय वर्ष में कुल कर्ज मिलकर 91 हजार 500 करोड़ तक पहुंच गया।
यानी इस वित्तीय वर्ष में सरकार ने 91 हजार 500 करोड़ का कर्ज ले लिया है।
इस महीने होली के मौके पर कर्मचारियों को तीन फीसदी महंगाई भत्ता देने का ऐलान किया था। जिसमें 3 मार्च को सरकार ने 6300 करोड़ का कर्ज लिया था। फिर लाडली बहनों को राशि देने से पहले 10 मार्च को 5800 करोड़ का कर्ज लिया गया था और अभी हाल में 17 मार्च को सरकार ने 4100 करोड़ का कर्ज लिया। शुक्रवार को सरकार ने फिर दो नये कर्ज लिये है।
एक 1500 करोड़ का कर्ज़ 14 साल के लिए और दूसरा 1000 करोड़ का कर्ज 24 साल के लिए लिया गया है।
यह कर्ज रिजर्व बैंक आफ इंडिया के जरिए लिया गया है ।
सरकार पर बढ़ते कर्ज का बोझ:
मध्य प्रदेश सरकार पर बढ़ते कर्ज और ब्याज के बारे में नीति आयोग में चिंता जताई है और कहा कि यह राज्य के आर्थिक स्वास्थ्य के लिए खतरा हो सकता है। मध्य प्रदेश सरकार की बढ़ाते हुए कर्ज और उसे पर लगने वाले ब्याज से राज्य के वित्तीय स्वास्थ्य के लिए एक बड़ी समस्या बन सकती है । लगातार कर्ज लेना और उसकी बढ़ती देनदारी को देखकर यह आशंका जताई जा रही है, कि कर्ज का सही तरीके से प्रबंध किया जाए ताकि भविष्य में इसे चुकाने में कोई दिक्कत ना आए। इसके लिए सरकार को अच्छी और मजबूत योजनाएं बनानी होगी । नीति आयोग ने हाल ही में जारी दूसरी वार्षिक फिजिकल हेल्थ इंडेक्स 2026 की रिपोर्ट में मध्य प्रदेश सरकार के बढ़ते कर्ज और ब्याज पर चिंता व्यक्त की है।