मल्लिकार्जुन खड़गे ने गुजरात पर दिए अपने बयान पर जताया खेद, बोले- मेरा मकसद किसी का दिल दुखाना नहीं था
संवाददाता
9 April 2026
अपडेटेड: 1:05 PM 0thGMT+0530
9 अप्रैल 2026
नई दिल्ली:
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने अपने उस बयान पर सफाई देते हुए दुख जताया है, जिसे लेकर पिछले कुछ दिनों से विवाद चल रहा था। दरअसल, केरल में एक चुनावी रैली के दौरान खड़गे ने गुजरात के लोगों को लेकर कुछ ऐसी टिप्पणियां की थीं, जिस पर बीजेपी और अन्य संगठनों ने कड़ी आपत्ति जताई थी। अब खड़गे ने खुद सामने आकर इस पूरे मामले पर अपनी स्थिति साफ की है।
सोशल मीडिया पर दी सफाई
मल्लिकार्जुन खड़गे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर एक पोस्ट साझा करते हुए लिखा कि हाल ही में केरल में दिए गए उनके भाषण की कुछ बातों को जानबूझकर गलत तरीके से पेश किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उनके शब्दों का गलत अर्थ निकाला गया है, ताकि विवाद पैदा किया जा सके।
खड़गे ने अपनी पोस्ट में इस बात पर जोर दिया कि उनके मन में गुजरात और वहां के लोगों के प्रति हमेशा से बहुत सम्मान रहा है। उन्होंने लिखा कि गुजरात के लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाना उनका उद्देश्य कभी नहीं था और न ही भविष्य में कभी होगा। उन्होंने आगे कहा कि मैं एक जिम्मेदार नागरिक और पार्टी अध्यक्ष होने के नाते अपनी टिप्पणियों पर खेद व्यक्त करता हूं।
विवाद को बताया राजनीतिक साजिश
कांग्रेस अध्यक्ष ने यह आरोप भी लगाया कि उनके बयान को तोड़-मरोड़कर पेश करना एक राजनीतिक साजिश का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि विपक्ष उनकी बातों का गलत मतलब निकालकर जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रहा है। खड़गे ने स्पष्ट किया कि उनकी राजनीति हमेशा से सभी राज्यों और समुदायों को सम्मान देने की रही है।
चुनाव के समय इस तरह के बयानों और उन पर आने वाली सफाई को राजनीतिक गलियारों में बहुत महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि गुजरात और वहां की अस्मिता हमेशा से चुनावी चर्चा का बड़ा केंद्र रही है।
क्या थी विवाद की वज़ह
मल्लिकार्जुन खड़गे ने जो बयान दिया था, वह केरल के इडुक्की में एक चुनावी रैली के दौरान आया था। उस समय उन्होंने केरल के लोगों की तुलना गुजरात के लोगों से करते हुए कुछ ऐसी बातें कह दी थीं, जिस पर काफी बवाल हुआ।
उन्होंने कहा-
“केरल के लोगों को गुमराह मत कीजिए। वे बहुत चतुर और शिक्षित हैं। मोदी जी, विजयन (केरल के मुख्यमंत्री), आप दोनों गुजरात या अन्य जगहों के उन लोगों को बेवकूफ बना सकते हैं जो अनपढ़ हैं, लेकिन आप केरल के लोगों को बेवकूफ नहीं बना सकते l
खड़गे ने सीधे तौर पर गुजरात के लोगों के लिए ‘निरक्षर’ या ‘अनपढ़’ शब्द का प्रयोग किया, जिसे अपमानजनक माना गया।
उन्होंने यह दिखाने की कोशिश की कि केरल के लोग ज्यादा समझदार हैं क्योंकि वे शिक्षित हैं, जबकि गुजरात के लोगों को आसानी से ‘बेवकूफ’ बनाया जा सकता है l
इस बयान के बाद बीजेपी ने इसे गुजरात की 6 करोड़ जनता का अपमान बताया। गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और अन्य नेताओं ने कड़ी आपत्ति जताई। विवाद बढ़ता देख खड़गे ने कल (8 अप्रैल, 2026) सोशल मीडिया पर सफाई दी कि उनके बयान का गलत मतलब निकाला गया है, फिर भी अगर किसी की भावनाओं को ठेस पहुंची है तो वे खेद व्यक्त करते हैं।