महाकाल : मंदिर में रंग और गुलाल पर पूरी तरह रोक

khabar pradhan

संवाददाता

28 February 2026

अपडेटेड: 5:39 PM 0thGMT+0530

महाकाल : मंदिर में रंग और गुलाल पर पूरी तरह रोक

28 फरवरी 2026

उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में इस वर्ष होली पर्व को लेकर प्रशासन ने विस्तृत और सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
आस्था और अनुशासन के साथ पर्व मनाने की अपील करते हुए मंदिर की पवित्रता बनाए रखने पर खास जोर दिया गया है।

दरअसल, वर्ष 2024 में होली के दौरान भस्म आरती के समय गुलाल से आग लगने की घटना सामने आई थी, जिसमें कई लोग झुलसे और एक सेवक की जान चली गई थी।
इस घटना के बाद से प्रशासन ने सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बनाते हुए हर वर्ष विशेष सावधानी बरतने का निर्णय लिया है।

निर्देशों के अनुसार 2 और 3 मार्च को मंदिर परिसर और महाकाल लोक क्षेत्र में किसी भी प्रकार के रंग और गुलाल के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
इस कदम का उद्देश्य धार्मिक मर्यादा की रक्षा के साथ-साथ किसी भी अप्रिय घटना को रोकना है।

मंदिर प्रबंधन ने साफ किया है कि यह नियम सभी के लिए अनिवार्य होंगे, चाहे वह पुजारी, पुरोहित, अधिकारी, पुलिसकर्मी, कर्मचारी, सेवक या आम श्रद्धालु हों।
किसी भी व्यक्ति को रंग, गुलाल या उससे संबंधित सामग्री के साथ प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी।

श्रद्धालुओं को प्रवेश से पहले कड़ी जांच प्रक्रिया से गुजरना होगा और सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य होगा।
हर प्रवेश द्वार पर विशेष सुरक्षा बलों की तैनाती की जाएगी, जिससे व्यवस्था सुचारू बनी रहे।

पूरे मंदिर और महाकाल लोक की निगरानी आधुनिक सीसीटीवी कैमरों के जरिए की जाएगी और कंट्रोल रूम से लगातार मॉनिटरिंग की जाएगी।
इससे किसी भी प्रकार के नियम उल्लंघन पर तुरंत कार्रवाई संभव होगी।

हालांकि परंपरा को ध्यान में रखते हुए त्रिकाल आरती के दौरान बाबा महाकाल को प्रतीकात्मक रूप से केवल हर्बल गुलाल अर्पित किया जाएगा।
यह गुलाल मंदिर प्रशासन की ओर से उपलब्ध कराया जाएगा और इसका उपयोग केवल अधिकृत पुजारियों द्वारा ही किया जाएगा।

प्रशासन ने चेतावनी दी है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और दोषी को व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार माना जाएगा।

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