महिलाओं के मासिक धर्म अवकाश संबंधी जनहित याचिका सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की.

khabar pradhan

संवाददाता

14 March 2026

अपडेटेड: 5:23 PM 0thGMT+0530

महिलाओं के मासिक धर्म अवकाश संबंधी जनहित याचिका सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की.<br>

14 मार्च 2026
नई दिल्ली l महिलाओं को मासिक धर्म के दौरान अवकाश देने की मांग पर सुप्रीम कोर्ट ने अहम टिप्पणी की है। कोर्ट ने कहा कि यह एक महत्वपूर्ण मुद्दा है, लेकिन इस संबंध में नीति बनाना सरकार का काम है, न कि अदालत का। अदालत ने केंद्र सरकार और सक्षम प्राधिकारियों से याचिका पर विचार करने और सभी संबंधित पक्षों से बातचीत करने के बाद कोई नीति बनाने की संभावना का पता लगाने को कहा l

प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत और जय माल्या बागची की पीठ ने टिप्पणी करते हुए कहा कि इस याचिका का उद्देश्य भले ही कल्याणकारी हो परन्तु नौकरी के बाजार की व्यावहारिक सच्चाई महिलाओं के लिए विपरीत परिणाम ला सकती है l

कोर्ट ने यह भी कहा कि इस मामले में सीधे आदेश देने के बजाय सरकार को इस विषय पर विचार कर ठोस नीति बनाने की दिशा में कदम उठाने चाहिए।

याचिका में महिलाओं के लिए मासिक धर्म के दौरान विशेष अवकाश की व्यवस्था करने की मांग की गई थी। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने इस पर सीधा निर्देश देने से इनकार करते हुए कहा कि यह विषय सरकार के अधिकार क्षेत्र में आता है।

सुप्रीम कोर्ट की इस टिप्पणी के बाद अब उम्मीद जताई जा रही है कि सरकार इस मुद्दे पर व्यापक स्तर पर चर्चा कर कोई नीति तैयार कर सकती है।

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