महिला सरपंच ने केंद्रीय मंत्री के सामने लगाई मदद की गुहार

khabar pradhan

संवाददाता

24 February 2025

अपडेटेड: 12:03 PM 0thGMT+0530

महिला सरपंच ने केंद्रीय मंत्री के सामने लगाई मदद की गुहार

ज्योतिरादित्य सिंधिया के पैर पड़कर बोली, सरपंच जबरन कागजों पर अंगूठा लगाने का बना रहा दबाव

ग्वालियर l सरपंच कुसमा बाई का कहना है कि वह विशेष पिछड़ी सहरिया जनजाति से ही आती है और वह पढ़ी-लिखी नहीं है। इसका फायदा उठाकर उनकी ग्राम पंचायत का सचिव मस्तराम धाकड़ जबरन कागजों पर अंगूठा लगाने का दबाव भी बनाता है।

केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के पैरों में एक आदिवासी महिला अपने पति के साथ रोती हुई वही गिर गई। वह बार-बार महाराज न्याय दिलाओ की गुहार लगाती हुई नजर आई, उसने केंद्रीय मंत्री सिंधिया को अपना दर्द कागज के पन्नों पर ही लिख कर दिया। जिसमें कानून और अधिकारियों पर सीधे ही सवाल उठाये गये।

केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने शनिवार को अपने जयविलास पैलेस पर आम लोगों से मुलाकात भी की। इस दौरान ही शिवपुरी जिले से एक दर्जन से अधिक आदिवासी भी पहुंचे। जिनमें से पोहरी जनपद क्षेत्र के उपसिल गांव की आदिवासी महिला सरपंच कुसमा बाई भी शामिल थीं। ज्योतिरादित्य सिंधिया के पास पहुंच आदिवासी महिला सरपंच और उनका पति उनके पैरों में ही गिर गए। पैर पकड़ कर महाराज न्याय दिलाओ की गुहार भी लगाने लगे। सिंधिया ने उनसे उनका आवेदन भी लिया और उनकी परेशानी दूर करने का आश्वासन भी दिया।

सरपंच कुसमा बाई का भी कहना है कि वह विशेष पिछड़ी सहरिया जनजाति से ही आती है और पढ़ी-लिखी नहीं है। इसका फायदा उठाकर उनकी ग्राम पंचायत का सचिव मस्तराम धाकड़ जबरन कागजों पर अंगूठा लगाने का दबाव भी बनाता है। विरोध किया गया तो वह उन्हें पद से हटवाने की धमकी भी देता रहा और आखिरकार उसने पंचायत के पंचों की खरीद फरोख्त और डरा धमका कर ही उसके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव ला दिया।

सचिव की राजनीति में ही पकड़े गये है। जिसके चलते ही मेरे आवेदनों पर कोई कार्रवाई और सुनवाई नहीं की गई। जिसे देखकर अब ऐसा लगने लगा है कि आपका कानून और आपके अधिकारी ही सिर्फ बड़े लोगों के कहने पर ही चलते हैं, आम आदमी के लिए न्याय भी अब बड़े लोगों की इच्छा पर भी निर्भर हो गया है। लिहाजा एक बार फिर गुहार भी लगाती हूं कि मेरे खिलाफ पंचायत सचिव द्वारा षडयंत्र पूर्वक भी लाए गए अविश्वास प्रस्ताव में बहुमत साबित करने के लिए एक माह का समय भी दिया जाए।

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