मां का सपना पूरा करने के लिए नम आंखों से बच्चे ने दी परीक्षा
संवाददाता
23 March 2025
अपडेटेड: 12:14 PM 0rdGMT+0530

बच्चे की स्थिति देख शिक्षक भी हुए भावुक
लखनऊ में औरत की हत्या के बाद उसके परिवार की मार्मिक तस्वीर सामने आई है। वही महिला के 12 साल के बच्चे का रो-रोकर बुरा हाल है। मां के अंतिम संस्कार के दिन ही बच्चे के अंग्रेजी का पेपर था। स्कूल प्रबंधन ने बाद में परीक्षा देने की सुविधा दी। इसके साथ ही बच्चा जब नम आंखों से पेपर देने पहुंचा तो उसे देख शिक्षक भी भावुक हो गए।
यूपी की राजधानी लखनऊ में औरत की हत्या मामले के बाद एक मार्मिक पहलू सामने आया है। आलमबाग बस स्टैंड से ई-ऑटो में कमता जाने के लिए बैठी महिला को अगवा कर रेप और लूटपाट करने के बाद हत्या कर शव मलिहाबाद के एक बाग में फेंक दिया गया था। मां की मौत से उसके 12 वर्षीय बेटे का रो-रोकर बुरा हाल है। महिला के भाई ने बताया कि उनकी बहन बेटे को पढ़ा-लिखाकर सरकारी अफसर बनाना चाहती थी। उसके लिए जी-तोड़ मेहनत भी कर रही थी, ताकि उसकी पढ़ाई में रुपये की बाधा न आए।
महिला के भाई के अनुसार 20 मार्च को उनकी बहन का अयोध्या में अंतिम संस्कार था। वही उसी दिन बेटे का कक्षा-5 का अंग्रेजी का पेपर था। वह परीक्षा नहीं दे सका। उसका साल खराब न हो, इसलिए उन्होंने स्कूल प्रबंधन से बात की। स्कूल प्रबंधन ने परीक्षा करवाने की बात कही। मां की मौत से दुखी बच्चा परीक्षा देने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा था। वह कई बार बेसुध हो गया, लेकिन परिवारीजनों ने उसकी हिम्मत बढ़ाई।
बच्चे को याद दिलाया कि उसकी मां उसे पढ़ा-लिखाकर सरकारी अफसर बनाना चाहती थीं। मां की यादों को समेट कर किसी तरह वह रोते-रोते पेपर देने के लिए पहुंचा। उसे इस हाल में देख अयोध्या स्थित स्कूल के शिक्षक भी भावुक हो गए।
भाई ने बताया कि बहन ने बीएड किया हुआ था। उसका टीईटी भी निकल चुका था, वही लेकिन अभी शिक्षक की नौकरी नहीं लगी थी। बहन का पति दर्जी है। सड़क पर सिलाई मशीन रख कर किसी तरह काम करता है। दो वक्त की रोटी का इंतजाम करता है। भाई ने बताया कि उसकी बहन बेटे की पढ़ाई के लिए नौकरी करना चाहती थी, इसलिए ही उसने एक निजी कंपनी में जॉब के लिए इंटरव्यू दिया था। निजी कंपनी ने उसे अयोध्या में ही जॉइन करने के लिए कहा था।
भाई ने कहा कि बहन बहुत खुश थी, क्योंकि उसकी सैलरी से बेटे की पढ़ाई में कोई कमी नहीं आती। दो दिन में उसे नौकरी जॉइन भी करनी थी, लेकिन हैवानों ने उसकी बहन का पूरा परिवार ही उजाड़ दिया। पीड़ित भाई ने मांग की है कि उसके भांजे की पढ़ाई के लिए सरकार को आर्थिक मदद करनी चाहिए, जिससे वह अच्छे से पढ़ाई कर सके।
भाई का कहना है कि इस मामले में दुबग्गा स्थित वसंत कुंज निवासी आरोपित अजय द्विवेदी पुलिस एनकाउंटर में मलिहाबाद इलाके में मारा गया है, लेकिन अभी अधूरा न्याय मिला है। पूरा न्याय तो तब मिलता जब दूसरा आरोपित अजय का भाई दिनेश द्विवेदी भी मुठभेड़ में ढेर हो जाता। पीड़ित भाई का कहना है कि आरोपित दिनेश के खिलाफ 9 आपराधिक केस दर्ज हैं। उसके खिलाफ पुलिस ने गैंगस्टर की कार्रवाई भी की थी।
मृतका के भाई ने कहा कि उसके खिलाफ रेप का केस भी दर्ज है। यही नहीं सुनने में तो यह आया है कि आरोपित अजय अपने भाई दिनेश के साथ मिलकर कुछ अन्य युवतियों और महिलाओं की जिंदगी खराब कर चुका है, लेकिन इनके खिलाफ शिकायत करने से महिलाएं डरती थीं। क्योंकि उनके अश्लील विडियो उनके पास होते थे।
पीड़ित भाई का कहना है कि सरकार को इस मामले को फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलवाना चाहिए, जिससे उसे जल्द सजा मिल सके। भाई ने उसे फांसी की सजा दिए जाने की मांग की है, ताकि उसकी बहन को पूरा न्याय मिल सके। पीड़ित भाई का कहना है कि पुलिस ने रेप की धारा बढ़ाई है। पुलिस को गैंगरेप की धारा लगानी चाहिए।