मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने तीन दिवसीय आईएफएससी मीट का किया शुभारंभ:

khabar pradhan

संवाददाता

30 January 2026

अपडेटेड: 3:55 PM 0thGMT+0530

मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने तीन दिवसीय आईएफएससी मीट का किया शुभारंभ:

IFS मीट में पहले दिन वानिकी सम्मेलन का आयोजन:


मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने आज शुक्रवार को RCVP नरोन्हा प्रशासन अकादमी में आईएफएस मीट 2026 का दीप जलाकर शुभारंभ किया । इस IFS मीट में पहले दिन वानिकी सम्मेलन का आयोजन किया।
भारतीय वन सेवा के तमाम अधिकारी तीन दिवसीय आईएफएससी मीट में राजधानी भोपाल में रहेंगे।

नरोना प्रकाश में अकादमी में सुबह 10:30 बजे मीट की शुरुआत हुई सबसे पहले वानिकी सम्मेलन का आयोजन हुआ । जिसका शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने किया।  इस सम्मेलन में रिटायर्ड आईएफएस अफसर और मध्य प्रदेश के पूर्व पीसीएफ डॉक्टर पीसीसीएफ गंगोपाध्याय को मध्य प्रदेश में वनों की सुरक्षा और बेहतरीन के लिए लाइफटाइम अचीवमेंट प्रदान भी किया गया।

इस मौके पर मुख्यमंत्री ने वन विभाग के आईएफएस के थीम गीत का विमोचन किया और लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड प्रदान किया।
इस कार्यक्रम में वन पर्यावरण राज्य मंत्री दिलीप सिंह अहिरवार ,प्रधान मुख्य वन संरक्षण और वन बल प्रमुख वी एन अंबाडे और वन अधिकारी मौजूद रहे।
इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने सेवानिवृत्ति आईएफएससी अधिकारी और प्रदेश के पूर्व पीसीएफ डॉक्टर पीबी गंगोपाध्याय को वनों की सुरक्षा और उनके बेहतर योगदान के लिए लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड भी दिया।  यह अवार्ड  उनकी पत्नी गौरी गंगोपाध्याय ने ग्रहण किया।

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने वनो ,जंगल और जल के आपसी संतुलन की जरूरत के बारे में बताया । इस बीच उन्होंने अपने अनुभव भी साझा किये । जहां बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के प्राकृतिक सौंदर्य के बारे में चर्चा की।  उन्होंने बताया कि प्रकृति और मानव के सह अस्तित्व को बनाए रखना और वन क्षेत्र में कार्य करना एक बड़ी चुनौती है । जहां जंगली जानवरों के साथ निर्भय और  निडर  रहकर कार्य करना पड़ता है।

इसके अलावा उन्होंने जल और जंगल के आपसी संबंध के बारे में भी चर्चा की । उन्होंने कहा जल ही जीवन है और जंगल में टाइगर ही उसकी शोभा है । उन्होंने कहा कि इस अधिकारी का पूरा अमला बड़ी निष्ठा से काम करता है और वन संरक्षण को मजबूती प्रदान करता है।
मध्य प्रदेश में वन विभाग की ग्रोथ को बेहतर बताते हुए चीतों के पुनर्वास और मगरमच्छों को सुरक्षित स्थानों पर छोड़ने जैसे चुनौती पूर्ण कार्य है और इसे  बहुत ही सफलतापूर्वक  अंजाम दिया गया है । नर्मदा की धारा में मगरमच्छ और घड़ियाल को चंबल नदी में वे सुरक्षित रह पाते हैं । उन्होंने वन अधिकारियों और कर्मचारियों की सराहना करते हुए प्रकृति संरक्षण के इस अभियान में सभी की तरह भूमिका की सराहना की।

आईएफएस मीट के दूसरे दिन पहले सत्र में इंडियन इंस्टीट्यूट आफ फॉरेस्ट मैनेजमेंट कैंपस में मध्य प्रदेश में वनों पर व्याख्यान कार्यक्रम रखा गया है। वही लिंक रोड वन स्थित गुलाब उद्यान में मुख्यमंत्री  ने दोपहर को कृषक कल्याण वर्ष 2026 के तहत राज्य स्तरीय पुष्प प्रदर्शनी का भी शुभारंभ किया।

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