मुर्शिदाबाद में वक्फ कानून को लेकर हिंसा के पीछे की ये है बड़ी वजह
संवाददाता
14 April 2025
अपडेटेड: 12:44 PM 0thGMT+0530

बांग्लादेश-SDPI के शामिल होने का संदेह, सुवेंदु ने की NIA जांच की मांग
पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में वक्फ (संशोधन) अधिनियम, 2025 के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हिंसक रूप ले चुका है। इस हिंसा में अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है और 150 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है। स्थानीय पुलिस को खुफिया जानकारी मिली है कि इस हिंसा में बांग्लादेश और सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (SDPI) का हाथ हो सकता है।
हिंसा का विवरण
मुर्शिदाबाद के सुति, समसेरगंज, धुलियान और जंगीपुर जैसे क्षेत्रों में शुक्रवार को प्रदर्शन के दौरान भीड़ ने पुलिस पर पथराव किया, वाहनों में आग लगाई और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया। पुलिस के अनुसार, एक पिता-पुत्र की जोड़ी, हरगोबिंद दास (72) और चंदन दास (40), की समसेरगंज में हत्या कर दी गई, जबकि एक अन्य व्यक्ति गोली लगने से मारा गया। हिंसा में 15 पुलिसकर्मियों सहित कई लोग घायल हुए हैं।
पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई
हिंसा को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज, आंसू गैस और खाली फायरिंग का सहारा लिया। क्षेत्र में धारा 163 (BNSS) के तहत निषेधाज्ञा लागू की गई है और इंटरनेट सेवाएं निलंबित कर दी गई हैं। कलकत्ता हाई कोर्ट के आदेश पर मुर्शिदाबाद में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) और BSF की पांच कंपनियां तैनात की गई हैं। पुलिस ने रविवार को 12 और लोगों को गिरफ्तार किया, जिससे कुल गिरफ्तारियों की संख्या 150 हो गई है।
बांग्लादेश-SDPI कनेक्शन का दावा
पुलिस सूत्रों के अनुसार, खुफिया जानकारी में हिंसा के पीछे बांग्लादेशी घुसपैठियों और SDPI के शामिल होने की आशंका जताई गई है। जांच में यह भी पता चला है कि कुछ शरारती तत्वों ने सोशल मीडिया के जरिए भड़काऊ अफवाहें फैलाईं, जिससे तनाव बढ़ा।
सुवेंदु अधिकारी का NIA जांच का आह्वान
विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने इस हिंसा को “जिहादी ताकतों द्वारा सुनियोजित हमला” करार दिया और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) से जांच की मांग की। उन्होंने दावा किया कि धुलियान में 400 से अधिक हिंदू परिवारों को अपने घर छोड़कर मालदा में शरण लेनी पड़ी। अधिकारी ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) पर तुष्टिकरण की राजनीति का आरोप लगाते हुए कहा कि इससे कट्टरपंथी तत्वों को बढ़ावा मिला है।
ममता बनर्जी का बयान
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शनिवार को स्पष्ट किया कि वक्फ कानून पश्चिम बंगाल में लागू नहीं होगा। उन्होंने एक पोस्ट में कहा, “यह कानून केंद्र सरकार ने बनाया है। हम इसका समर्थन नहीं करते। फिर दंगे क्यों?” ममता ने सभी समुदायों से शांति बनाए रखने की अपील की।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
BJP: प्रदेश अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने हिंसा को TMC की नाकामी का नतीजा बताया और कहा कि उनकी पार्टी मृतकों की याद में ‘शहीद दिवस’ मनाएगी।
TMC: TMC नेता अभिषेक बनर्जी ने शांति की अपील करते हुए कहा कि कुछ लोग धार्मिक आधार पर बंगाल को बांटना चाहते हैं।
अन्य: AIMIM और नेशनल कॉन्फ्रेंस ने वक्फ कानून को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है, जिसकी सुनवाई 16 अप्रैल को होनी है।
हालात और भविष्य
पुलिस का कहना है कि स्थिति अब नियंत्रण में है, लेकिन तनाव बरकरार है। स्थानीय लोग सुरक्षा और पुनर्वास की मांग कर रहे हैं। कोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकार से 17 अप्रैल को स्थिति पर रिपोर्ट मांगी है। इस बीच, हिंसा प्रभावित इलाकों में गश्त और वाहन चेकिंग तेज कर दी गई है।