मौनी अमावस्या में करें यह उपाय:दूर होंगे कष्ट -मिलेगा मां लक्ष्मी का आशीर्वाद:
संवाददाता
18 January 2026
अपडेटेड: 12:24 PM 0thGMT+0530
हर माह अमावस्या की तिथि आती है किंतु माघ मास की अमावस्या को मौनी अमावस्या कहा जाता है।
सनातन धर्म में माघ मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या की तिथि का अत्यंत महत्व माना गया है और इसे मौनी अमावस्या या माघी अमावस्या के नाम से जाना जाता है । यह एक बहुत ही पवित्र तिथि होती है । इस दिन हम मौन रहकर अपने ईष्ट की आराधना करते हैं। इस दिन पूजा पाठ से लेकर स्नान दान का महत्व बताया गया है ।
मौनी अमावस्या कब है:
माघ मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या 17 जनवरी की रात 12:04 बजे शुरू हो रही है और 18 जनवरी की रात 1:22 बजे समाप्त होगी। उदया तिथि के अनुसार मौनी अमावस्या 18 जनवरी 2026 को मनाई जायेगी।
अमावस्या तिथि के इस पर्व पर कुछ उपाय करने से जीवन के बहुत सारे कष्ट दूर होते हैं। और हमारी मनोकामना पूर्ण होती है।
आईए जाने मौनी अमावस्या के दिन मनोकामना पूर्ण करने हेतु महा उपाय:
1..मौनी अमावस्या पर मौन रहकर गंगा स्नान का अत्यंत महत्व होता है। हिंदू धर्म के अनुसार मौन रहने पर हमारा मन शांत रहता है और हमारे भीतर एक सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है। मौन रहने से हमें शांति मिलती है।और जीवन में सकारात्मक आती है।
2..आज के दिन पितरों के लिए श्राद्ध दर्पण का महत्व बताया गया है। पितरों के लिए अनाज ,धन और गरम वस्त्रो के दान का महत्व होता है ।
3..मौनी अमावस्या के दिन शाम के समय तुलसी जी में शुद्ध घी का दीपक जलाना चाहिए । इससे सुख समृद्धि और सौभाग्य की प्राप्ति होती है।
4..मौनी अमावस्या पर पीपल के पेड़ की पूजा करने से जीवन में शुभता आती है।
5..इस दिन घर में बना हुआ शुद्ध भोजन गाय, कुत्ते ,कौवे ,चींटी या किसी ब्राह्मण को खिलाने से पितृ दोष शांत होता है।
6..मौनी अमावस्या पर गरीब और जरूरतमंद लोगों को गर्म वस्त्रो का दान करने से शनि महाराज प्रसन्न होते हैं।
7..आज के दिन दक्षिण दिशा में शाम के समय एक दीपक जलाना चाहिए। इससे पितरों को का आशीर्वाद प्राप्त होता है
8..आज के शुद्ध शाकाहारी भोजन करना चाहिए मांसाहार का प्रयोग भूलकर भी ना करें। ऐसा करने से पितृ दोष बढ़ जाता है।