यात्रियों की कमी , महंगा पड़ रहा मेट्रो संचालन
संवाददाता
25 February 2026
अपडेटेड: 1:52 PM 0thGMT+0530
भोपाल मेट्रो में अपेक्षा से कम यात्रियों के कारण संचालन लागत बढ़ती जा रही है। इस चुनौती से निपटने के लिए मेट्रो प्रबंधन अब किराए के अलावा अन्य स्रोतों से आय बढ़ाने की रणनीति पर काम कर रहा है, ताकि परियोजना को आर्थिक रूप से मजबूत बनाया जा सके।
एमडी चैतन्य कृष्ण ने बताया, गैर-किराया आय बढ़ाना प्राथमिकता
मेट्रो रेल के प्रबंध निदेशक चैतन्य कृष्ण ने कहा कि मौजूदा स्थिति में नॉन-फेयर रेवेन्यू यानी किराए के अतिरिक्त आय बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसके तहत स्टेशन परिसरों में कमर्शियल गतिविधियों, विज्ञापन, किराए पर स्पेस देने और अन्य सेवाओं के माध्यम से आय बढ़ाने की योजना बनाई गई है।
लाइसेंस प्राप्त गतिविधियों से यात्री सुविधा प्रभावित नहीं होगी
उन्होंने स्पष्ट किया कि लाइसेंस प्राप्त व्यावसायिक गतिविधियों को इस तरह विकसित किया जाएगा कि यात्रियों के आवागमन या सुरक्षा पर कोई असर न पड़े। स्टेशन और प्लेटफॉर्म पर स्पेस का उपयोग करते समय यात्री सुविधा और सुगम आवागमन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।
कमर्शियल मॉडल से घटेगा वित्तीय दबाव
मेट्रो प्रबंधन का मानना है कि नॉन-फेयर रेवेन्यू बढ़ने से संचालन पर आने वाला वित्तीय दबाव कम होगा। इससे परियोजना को लंबे समय तक स्थिर और टिकाऊ बनाया जा सकेगा, साथ ही यात्रियों को बेहतर सेवाएं देने में भी मदद मिलेगी।
भविष्य में कनेक्टिविटी बढ़ने से बढ़ेंगी सवारियां
अधिकारियों के अनुसार जैसे-जैसे मेट्रो नेटवर्क का विस्तार होगा और कनेक्टिविटी बेहतर होगी, वैसे-वैसे यात्रियों की संख्या भी बढ़ेगी। तब तक गैर-किराया आय के जरिए संतुलन बनाए रखने की योजना पर काम किया जा रहा है।