मथुरा, हाथरस, अलीगढ़ के 923 गांवों की बदलेगी सीरत

khabar pradhan

संवाददाता

25 March 2025

अपडेटेड: 6:34 AM 0thGMT+0530

यीडा के रीजनल मास्टरप्लान फेज-2 को शासन से मंज़ूरीयीडा के रीजनल मास्टरप्लान फेज-2 को शासन से मंज़ूरी

यीडा के रीजनल मास्टरप्लान फेज-2 को शासन से मंज़ूरी

यमुना अथॉरिटी के रीजनल मास्टरप्लान फेज-2 को शासन ने मंजूरी दे दी है। अब विकास गौतमबुद्ध नगर, बुलंदशहर सहित आगरा, मथुरा, हाथरस और अलीगढ़ के 923 गांवों में विस्तारित होगा। 34,000 हेक्टेयर जमीन पर बड़े प्रोजेक्ट स्थापित किए जाएंगे।
यमुना अथॉरिटी के रीजनल मास्टरप्लान फेज-2 को शासन ने मंजूरी दे दी है। इसके चलते अब यीडा गौतमबुद्ध नगर और बुलंदशहर के अलावा अपने अधिसूचित एरिया के चार अन्य जिलों आगरा, मथुरा, हाथरस और अलीगढ़ के 923 गांवों की जमीन पर भी विकास का खाका खींचेगी। इन चार जिलों की 34 हजार हेक्टेयर जमीन पर बड़े-बड़े प्रॉजेक्ट स्थापित करने के लिए अधिग्रहण होगा। इसमें 165 किमी लंबे यमुना एक्सप्रेसवे के किनारे एक से बढ़कर एक प्रॉजेक्ट स्थापित किए जाएंगे।

बता दें कि यमुना अथॉरिटी के अधिसूचित एरिया में छह जिलों की जमीन आती है। इसमें अभी तक अथॉरिटी रीजनल मास्टरप्लान फेज-1 के तहत गौतमबुद्ध नगर और बुलंदशहर के गांवों की जमीन का अधिग्रहण कर विकास कर रही थी। फेज-2 का प्रस्ताव 2012 में तैयार किया था लेकिन बार-बार संशोधन की वजह से शासन स्तर पर मंजूरी अटकी हुई थी। अब 12 साल बाद शासन ने इसे मंजूरी दे दी है। आगामी बोर्ड बैठक में इसे सहमति के लिए रखा जाएगा।
यमुना अथॉरिटी के फेज-1 में गौतमबुद्धनगर व बुलंदशहर का विकास हो रहा है। दोनों जिलों का 75900 हेक्टेयर क्षेत्रफल है। इनमें कुल 226 गांव हैं, जिनमें 109 शहरी हैं। वर्तमान में करीब 24 हजार हेक्टेयर जमीन पर यीडा विकास कर रही है। अब फेज-2 में मथुरा के करीब 11653.76 हेक्टेयर एरिया में राया अर्बन सेंटर विकसित होगा।

मथुरा के 415 गांवों की जमीन इस दायरे में आ रही है। यहां हेरिटेज सिटी भी पहले से प्रस्तावित है। अलीगढ़ के 11104.40 हेक्टेयर में टप्पल-बाजना अर्बन सेंटर विकसित होगा। अलीगढ़ के 92 गांव इस दायरे में हैं। आगरा के 58 गांवों की 12 हजार हेक्टेयर जमीन पर विकास होगा। हाथरस के 358 गांवों की जमीन पर कितने गांवों में विकास होगा इसका डिटेल प्लान अभी बनेगा।
यमुना नदी के ईस्ट साइड में मथुरा व वृंदावन के 29 किमी एरिया में रिवर फ्रंट डिवेलप किया जाएगा। रीक्रिएशनल ग्रीन डिवेलपमेंट के तहत 2600 हेक्टेयर जमीन पर एम्यूजमेंट पार्क, बॉटेनिकल गार्डन, साइंस सिटी, चिल्ड्रन पार्क, ट्रैफिक पार्क, कंवेंशन सेंटर, एक्सपो मार्ट के अलावा 1100 हेक्टेयर में स्पोर्ट्स सिटी बसाई जाएगी। मिक्स लैंड यूज के तहत जो डजवलपमेंट होगा। उसमें इंडस्ट्रियल, संस्थागत, ग्रुप हाउसिंग, आवासीय व अन्य प्रकार का डवलपमेंट होगा।

टिप्पणियां (0)