युवा विधायक सम्मेलन में CM मोहन यादव बोले- राजनीति में विनम्रता जरूरी, राम के आदर्शों पर चलें युवा नेता
संवाददाता
31 March 2026
अपडेटेड: 2:04 PM 0stGMT+0530
31 मार्च 2026
भोपाल:
मध्य प्रदेश विधानसभा में सोमवार से ‘युवा विधायक सम्मेलन’ का आगाज हुआ। इस खास कार्यक्रम में मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ के 50 से ज्यादा ऐसे विधायक शामिल हुए जिनकी उम्र 45 वर्ष से कम है। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने युवा नेतृत्व को राजनीति के गुर सिखाए।
मर्यादा पुरुषोत्तम से लें प्रेरणा: सीएम
उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राजनीति में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं, लेकिन एक जनप्रतिनिधि को हमेशा विनम्र और अनुशासित रहना चाहिए। उन्होंने युवा विधायकों को मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम का उदाहरण देते हुए कहा कि स्थिति अच्छी हो या बुरी, हमें हमेशा अपना धैर्य और मर्यादा बनाए रखनी चाहिए।
वरिष्ठों से सीखें और जनता के मुद्दे उठाएं
विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने युवाओं को सलाह दी कि वे सदन में वरिष्ठ नेताओं के मार्गदर्शन में काम करें। उन्होंने तार्किक विरोध करने और शालीन व्यवहार रखने पर जोर दिया। वहीं, राजस्थान विधानसभा के अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने कहा कि जनता के मुद्दों को सही ढंग से उठाना ही एक विधायक की असली ताकत है।
सम्मेलन के दौरान कुछ गंभीर मुद्दे भी उठे:
* नौकरशाही पर आपत्ति: बामनवास (राजस्थान) की विधायक इंदिरा मीणा ने सदन में नौकरशाही (Bureaucracy) के बढ़ते दखल पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अक्सर अधिकारी विधायकों की बातों को अनसुना कर देते हैं, जिससे जनता के काम प्रभावित होते हैं।
* छात्र संघ चुनाव की मांग: नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने मध्य प्रदेश में बंद पड़े छात्र संघ चुनावों का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि नेतृत्व क्षमता कॉलेज से ही विकसित होती है, इसलिए छात्र संघ चुनाव फिर से शुरू होने चाहिए ताकि भविष्य के नेता तैयार हो सकें।
विकसित भारत 2047 पर मंथन
सम्मेलन के आखिरी सत्र में युवा विधायकों ने ‘विकसित भारत 2047’ के रोडमैप पर अपनी बात रखी। विधायकों ने भविष्य की चुनौतियों जैसे जल संकट और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण पर चिंता जताई। बीजेपी विधायक शरद कोल ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि अगर हमने आज ध्यान नहीं दिया, तो 20 साल बाद अगली पीढ़ी को पीने का साफ पानी मिलना भी मुश्किल हो जाएगा।