रणवीर अलाहबादिया और आशीष चंचलानी की याचिका पर आज सुनवाई
संवाददाता
21 April 2025
अपडेटेड: 7:47 AM 0stGMT+0530
मल्टिपल FIR रद्द करने की मांग, कोर्ट ने दी थी गिरफ्तारी से अंतरिम राहत
मल्टिपल FIR रद्द करने की मांग, कोर्ट ने दी थी गिरफ्तारी से अंतरिम राहत
मशहूर यूट्यूबर्स और कंटेंट क्रिएटर्स रणवीर अलाहबादिया (Ranveer Allahbadia) और आशीष चंचलानी (Ashish Chanchlani) की ओर से दायर याचिका पर आज बॉम्बे हाई कोर्ट में सुनवाई होनी है। दोनों ने अपने खिलाफ दर्ज मल्टिपल FIR को क्लब करने और रद्द करने की याचिका दायर की थी। यह मामला उनके सोशल मीडिया कंटेंट में कथित तौर पर आपत्तिजनक सामग्री से जुड़ा है, जिसके बाद देश के अलग-अलग हिस्सों में उनके खिलाफ कई FIR दर्ज की गई थीं। बॉम्बे हाई कोर्ट ने पिछले महीने दोनों को गिरफ्तारी से अंतरिम राहत दी थी, और अब इस मामले में अगली सुनवाई आज होगी।
मामला क्या है?
रणवीर अलाहबादिया और आशीष चंचलानी के खिलाफ कई राज्यों, जिनमें महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, और दिल्ली शामिल हैं, में उनके यूट्यूब वीडियो और इंस्टाग्राम पोस्ट में कथित तौर पर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने और अश्लील सामग्री प्रसारित करने के आरोप में FIR दर्ज की गई थीं। शिकायतों में कहा गया कि उनके कुछ वीडियो में हास्य के नाम पर धार्मिक प्रतीकों और सामाजिक मान्यताओं का मजाक उड़ाया गया, जिससे कुछ संगठनों और व्यक्तियों ने आपत्ति जताई।
रणवीर, जो अपने फिटनेस और मोटिवेशनल कंटेंट के लिए जाने जाते हैं, और आशीष, जो कॉमेडी वीडियो बनाते हैं, ने इन आरोपों को निराधार बताया है। दोनों ने अपने वकीलों के जरिए दावा किया कि उनके कंटेंट का उद्देश्य मनोरंजन और जागरूकता फैलाना है, न कि किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना। उन्होंने यह भी कहा कि मल्टिपल FIR दर्ज करना उनके खिलाफ “प्रतिशोध की कार्रवाई” है।

याचिका और कोर्ट की कार्रवाई
रणवीर और आशीष ने बॉम्बे हाई कोर्ट में याचिका दायर कर मांग की थी कि उनके खिलाफ दर्ज सभी FIR को एक साथ क्लब किया जाए और उन्हें रद्द किया जाए। उनकी याचिका में कहा गया कि अलग-अलग राज्यों में एक ही मुद्दे पर कई FIR दर्ज करना कानूनी प्रक्रिया का दुरुपयोग है। इसके अलावा, उन्होंने यह भी तर्क दिया कि उनके कंटेंट को संदर्भ से हटाकर गलत तरीके से पेश किया गया है।
पिछली सुनवाई में कोर्ट ने दोनों को गिरफ्तारी से अंतरिम राहत दी थी और जांच एजेंसियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। कोर्ट ने यह भी कहा था कि जब तक याचिका पर अंतिम फैसला नहीं हो जाता, दोनों के खिलाफ कोई कठोर कार्रवाई नहीं की जाएगी। आज की सुनवाई में कोर्ट इस बात पर विचार करेगा कि क्या FIR को क्लब किया जा सकता है और क्या उन्हें रद्द करने का आधार बनता है।
वकीलों के तर्क
रणवीर और आशीष के वकीलों ने कोर्ट में दलील दी है कि सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर्स के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला है। उन्होंने कहा कि उनके क्लाइंट्स के वीडियो को गलत संदर्भ में पेश किया गया और कुछ संगठनों ने जानबूझकर विवाद खड़ा किया। वकीलों ने यह भी तर्क दिया कि एक ही कंटेंट के लिए कई FIR दर्ज करना कानून के दुरुपयोग का मामला है, क्योंकि यह “डबल जियोपार्डी” (एक ही अपराध के लिए दोहरी सजा) के सिद्धांत का उल्लंघन करता है।
दूसरी ओर, शिकायतकर्ताओं के वकीलों का कहना है कि रणवीर और आशीष के कंटेंट ने धार्मिक और सामाजिक संवेदनाओं को ठेस पहुंचाई है, और उनके खिलाफ कार्रवाई जरूरी है। उन्होंने कोर्ट से मांग की है कि याचिका को खारिज किया जाए और जांच को आगे बढ़ने दिया जाए।
सोशल मीडिया और फैंस की प्रतिक्रिया
इस मामले ने सोशल मीडिया पर तीखी बहस छेड़ दी है। रणवीर और आशीष के फैंस ने उनके समर्थन में #StandWithRanveer और #JusticeForAshish जैसे हैशटैग ट्रेंड किए हैं। कई फैंस का कहना है कि दोनों क्रिएटर्स ने सालों से लाखों लोगों को प्रेरित और हंसाया है, और उनके खिलाफ कार्रवाई “अनुचित” है। एक यूजर ने लिखा, “रणवीर और आशीष ने हमेशा सकारात्मक कंटेंट बनाया। यह साफ तौर पर उनकी लोकप्रियता से जलन का नतीजा है।”
हालांकि, कुछ यूजर्स ने शिकायतकर्ताओं का समर्थन करते हुए कहा कि सोशल मीडिया पर हास्य के नाम पर धार्मिक भावनाओं के साथ खिलवाड़ नहीं करना चाहिए। एक यूजर ने लिखा, “अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का मतलब यह नहीं कि आप किसी की आस्था का मजाक उड़ाएं।”
कंटेंट क्रिएटर्स के लिए चुनौती
यह मामला भारत में सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर्स के लिए बढ़ती चुनौतियों को उजागर करता है। हाल के वर्षों में कई यूट्यूबर्स और इन्फ्लुएंसर्स के खिलाफ कथित आपत्तिजनक कंटेंट को लेकर FIR दर्ज की गई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के मामले डिजिटल क्रिएटर्स के लिए कानूनी और सामाजिक दबाव बढ़ा रहे हैं। कुछ का कहना है कि सरकार को सोशल मीडिया कंटेंट के लिए स्पष्ट दिशानिर्देश जारी करने चाहिए ताकि इस तरह के विवादों से बचा जा सके।
आज की सुनवाई का महत्व
आज की सुनवाई इस मामले में महत्वपूर्ण हो सकती है। अगर कोर्ट FIR को क्लब करने या रद्द करने का आदेश देता है, तो यह रणवीर और आशीष के लिए बड़ी राहत होगी। वहीं, अगर कोर्ट शिकायतकर्ताओं के पक्ष में फैसला देता है, तो दोनों के खिलाफ जांच तेज हो सकती है। इस फैसले का असर न केवल इन दोनों क्रिएटर्स पर, बल्कि पूरे सोशल मीडिया कम्युनिटी पर पड़ सकता है, क्योंकि यह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और कंटेंट निर्माण के दायरे को परिभाषित करेगा।
रणवीर और आशीष ने इस मामले पर सार्वजनिक रूप से ज्यादा टिप्पणी नहीं की है, लेकिन उनके वकीलों ने कहा है कि वे कोर्ट के फैसले का सम्मान करेंगे और कानूनी लड़ाई लड़ने के लिए तैयार हैं। इस बीच, उनके फैंस और सोशल मीडिया यूजर्स आज के फैसले का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।