वंदेमातरम् पर छिड़ा सियासी संग्राम, पार्षद फौजिया शेख पर चौतरफा बयान जारी :

khabar pradhan

संवाददाता

9 April 2026

अपडेटेड: 4:32 PM 0thGMT+0530

वंदेमातरम् पर छिड़ा सियासी संग्राम, पार्षद फौजिया शेख पर चौतरफा बयान जारी :

9 अप्रैल 2026 :
मध्य प्रदेश इंदौर :
कांग्रेस पार्षद फौजिया शेख ने वंदेमातरम् गाने से किया इनकार:
नगर निगम के बजट सत्र में बुधवार को वंदेमातरम् पर घमासान शुरू हुआ ,जिसमें कांग्रेस पार्षद फौजिया शेख अलीम के वंदेमातरम् गाने से इनकार करने पर पूरा सदन  ‘गद्दार’ और ‘गुंडागर्दी: के नारों से गूंज उठा। इसी बवाल के बीच में 8455 करोड़ का बजट बिना किसी सार्थक चर्चा के पास हो गया और बैठक तय समय से ढाई घंटे पहले ही खत्म कर दी गई।
इस बजट सम्मेलन में पार्षदों ने एक दूसरे पर जमकर टीका टिप्पणी भी की।

भाजपा पार्षद सुरेश कुरवाडे ने फौजिया शेख पर वंदेमातरम् से बचने के लिए देर से आने का तंज कसा।  इस पर फौजिया शेख ने कहा कि वे वंदे मातरम नहीं गाएंगी । इसके अलावा  उन्होंने वह एक्ट भी दिखाने को कहा जिसमें लिखा हो कि वंदे मातरम गाना अनिवार्य है। भाजपा पार्षद महेश बसवाल,मनोज मिश्रा, योगेश गेंदर, रूपा पांडे ने इसे राष्ट्रगीत का अपमान बताते हुए कार्रवाई की मांग की।
सभी सभापति मुन्ना लाल यादव ने फौजिया शेख को सदन से बाहर जाने का निर्देश दिया। विवाद बढ़ते हुए कांग्रेसी पार्षद रुबीना खान ने कहा- कुरान वंदे मातरम गाने की इजाजत नहीं देता। साथ ही यह भी कहा कि अमेरिका ने ईरान के खोमनेई को शहीद किया तो वहां से तेल क्यों ले रहे हो । सिर्फ मुसलमानों को ही टारगेट किया जा रहा है।

इंदौर शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने कहा:

कांग्रेस की रग रग में वंदे मातरम है । फौजिया के बयान से पार्टी का कोई सरोकार नहीं है। शहर अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने कहा कि देश की आजादी के पहले कांग्रेस के हर सम्मेलन में वंदे मातरम गया जाता था । यदि किसी को वंदे मातरम बोलने में समस्या है तो यह गलत है।  साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस के अब हर कार्यक्रम की शुरुआत वंदे मातरम के साथ होगी और समापन जन गण मन के साथ होगा।


धर्म से ऊपर है राष्ट्र:
किसी को वंदे मातरम से तकलीफ है तो वह कांग्रेस की मीटिंग में न आए। धर्म की मान्यता से पहले राष्ट्र है और राष्ट्र को सर्वोपरि रखना होगा । राजनीति अपनी जगह है ,लेकिन राजनीति राष्ट्र से ऊपर नहीं है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीयता का भाव रखना ,उसे प्रकट करना आवश्यक है।  कोई भी धर्म हमें अपने देश के सम्मान से नहीं रोक सकता । राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान के प्रति असम्मान का भाव नहीं होना चाहिए।
शहर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि जिस देश का अन्न जल लेते हैं ,उसका सम्मान ना होना  दुर्भाग्यपूर्ण है। ईरान के नेता को श्रद्धांजलि तो देते हैं, लेकिन ‘भारत माता की जय’ बोलने में तकलीफ होती है।
एमआईसी सदस्य राजेंद्र राठौड़ ने कहा कि वंदे मातरम ना गाना, तब तक तो ठीक है, लेकिन भरे सदन में सार्वजनिक रूप से राष्ट्रगीत का अपमान करना यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

इंदौर शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने कहा है कि ‘कांग्रेस जाए भाड़ में’ बयान देने वाली पार्षद रुबीना खान को पार्टी से निकाला जाएगा।

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