वक्फ एक्ट पर CJI गवई की दो टूक…

khabar pradhan

संवाददाता

20 May 2025

अपडेटेड: 1:55 PM 0thGMT+0530

वक्फ एक्ट पर CJI गवई की दो टूक…

वक्फ एक्ट पर CJI गवई की महत्वपूर्ण टिप्पणी- जब तक मजबूत केस नहीं, अदालतें हस्तक्षेप नहीं करतीं... वक्फ एक्ट पर CJI गवई की दो टूक Supreme Court Waqf Act News: सुप्रीम कोर्ट में वक्फ (संशोधन) अधिनियम, 2025 को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई चल रही है। मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई और न्यायमूर्ति ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह ने इस संबंध में सुनवाई के दौरान अहम टिप्पणी की। 20 May 2025, सुप्रीम कोर्ट में वक्फ (संशोधन) अधिनियम, 2025 को चुनौती देने वाली कई याचिकाओं पर सुनवाई हुई। भारत के मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की पीठ ने सुनवाई के दौरान एक अहम टिप्पणी की। कोर्ट ने कहा कि जब तक मजबूत केस नहीं बनता, तब तक अदालतें हस्तक्षेप नहीं करतीं। यह एक बहुत ही महत्वपूर्ण बात थी। इस दौरान याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने कहा कि यह अधिनियम सरकार की ओर से वक्फ संपत्तियों पर कब्जा करने का एक प्रयास है। सुप्रीम कोर्ट में वक्फ कानून का मामला ! CJI ने क्या कहा! इसी दौरान सीजेआई गवई ने कहा, यह मामला संवैधानिकता के बारे में है। अदालतें आमतौर पर हस्तक्षेप नहीं करती हैं, इसलिए जब तक आप एक बहुत मजबूत मामला नहीं बनाते, कोर्ट हस्तक्षेप नहीं करती है। सीजेआई ने आगे कहा कि औरंगाबाद में वक्फ संपत्तियों को लेकर बहुत सारे विवाद हैं। तीन मुद्दों पर सर्वोच्च कोर्ट सुनेगी दलील आज मंगलवार को सुनवाई के दौरान, शीर्ष अदालत ने कहा कि वह तीन मुद्दों पर अंतरिम निर्देश पारित करने के लिए दलीलें सुनेगी, जिसमें अदालतों द्वारा वक्फ, उपयोगकर्ता द्वारा वक्फ या विलेख द्वारा वक्फ घोषित संपत्तियों को गैर-अधिसूचित करने की शक्ति शामिल है। पीठ ने स्पष्ट किया था कि वह 20 मई को पूर्ववर्ती 1995 के वक्फ कानून के प्रावधानों पर रोक लगाने की किसी भी याचिका पर विचार नहीं करेगी।

वक्फ एक्ट पर CJI गवई की महत्वपूर्ण टिप्पणी


जब तक मजबूत केस नहीं, अदालतें हस्तक्षेप नहीं करतीं… वक्फ एक्ट पर CJI गवई की दो टूक
Supreme Court Waqf Act News: सुप्रीम कोर्ट में वक्फ (संशोधन) अधिनियम, 2025 को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई चल रही है। मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई और न्यायमूर्ति ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह ने इस संबंध में सुनवाई के दौरान अहम टिप्पणी की।


20 May 2025, सुप्रीम कोर्ट में वक्फ (संशोधन) अधिनियम, 2025 को चुनौती देने वाली कई याचिकाओं पर सुनवाई हुई। भारत के मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की पीठ ने सुनवाई के दौरान एक अहम टिप्पणी की। कोर्ट ने कहा कि जब तक मजबूत केस नहीं बनता, तब तक अदालतें हस्तक्षेप नहीं करतीं। यह एक बहुत ही महत्वपूर्ण बात थी।
इस दौरान याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने कहा कि यह अधिनियम सरकार की ओर से वक्फ संपत्तियों पर कब्जा करने का एक प्रयास है।

सुप्रीम कोर्ट में वक्फ कानून का मामला !

CJI ने क्या कहा!

इसी दौरान सीजेआई गवई ने कहा, यह मामला संवैधानिकता के बारे में है। अदालतें आमतौर पर हस्तक्षेप नहीं करती हैं, इसलिए जब तक आप एक बहुत मजबूत मामला नहीं बनाते, कोर्ट हस्तक्षेप नहीं करती है। सीजेआई ने आगे कहा कि औरंगाबाद में वक्फ संपत्तियों को लेकर बहुत सारे विवाद हैं।

तीन मुद्दों पर सर्वोच्च कोर्ट सुनेगी दलील

आज मंगलवार को सुनवाई के दौरान, शीर्ष अदालत ने कहा कि वह तीन मुद्दों पर अंतरिम निर्देश पारित करने के लिए दलीलें सुनेगी, जिसमें अदालतों द्वारा वक्फ, उपयोगकर्ता द्वारा वक्फ या विलेख द्वारा वक्फ घोषित संपत्तियों को गैर-अधिसूचित करने की शक्ति शामिल है। पीठ ने स्पष्ट किया था कि वह 20 मई को पूर्ववर्ती 1995 के वक्फ कानून के प्रावधानों पर रोक लगाने की किसी भी याचिका पर विचार नहीं करेगी।

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