विज्ञान मंथन यात्रा 2025:
संवाददाता
21 April 2025
अपडेटेड: 7:51 AM 0stGMT+0530
विज्ञान मंथन यात्रा 2025:
375 चयनित विद्यार्थी आज CM मोहन यादव से मिलेंगे, दिल्ली-चंडीगढ़ के वैज्ञानिक संस्थानों की यात्रा पर होंगे रवाना
भोपाल, 21 अप्रैल 2025: मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद द्वारा आयोजित 17वीं विज्ञान मंथन यात्रा का शुभारंभ आज से हो रहा है। इस यात्रा के लिए चयनित 375 मेधावी विद्यार्थी आज भोपाल में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात करेंगे। इसके बाद वे दिल्ली और चंडीगढ़ में देश के प्रतिष्ठित वैज्ञानिक संस्थानों और प्रयोगशालाओं का भ्रमण करने के लिए रवाना होंगे। यह यात्रा 21 से 27 अप्रैल तक चलेगी, जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, नवाचार और अनुसंधान के प्रति रुचि विकसित करना है।
विज्ञान मंथन यात्रा का उद्देश्य
विज्ञान मंथन यात्रा मध्यप्रदेश के उन मेधावी विद्यार्थियों के लिए एक अनूठा अवसर है, जो विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में रुचि रखते हैं। इस यात्रा का आयोजन मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद द्वारा किया जाता है, जिसका मुख्य लक्ष्य युवा मस्तिष्कों को वैज्ञानिक सोच और नवाचार की दिशा में प्रेरित करना है। इस साल चयनित 375 विद्यार्थी कक्षा 9वीं से 12वीं के हैं, जिनका चयन उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों और विज्ञान के प्रति रुचि के आधार पर किया गया है।

मुख्यमंत्री के साथ संवाद
यात्रा के पहले दिन, भोपाल में आयोजित एक विशेष समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव चयनित विद्यार्थियों से संवाद करेंगे। इस दौरान वे विद्यार्थियों को वैज्ञानिक अनुसंधान और नवाचार के महत्व के बारे में प्रेरित करेंगे। सीएम विद्यार्थियों को उनके भविष्य के लिए शुभकामनाएं देंगे और उन्हें देश के विकास में योगदान देने के लिए प्रोत्साहित करेंगे। यह समारोह सुबह 10 बजे भोपाल के एक प्रमुख सभागार में होगा, जिसमें परिषद के वरिष्ठ अधिकारी और शिक्षक भी मौजूद रहेंगे।
दिल्ली-चंडीगढ़ यात्रा का कार्यक्रम
यात्रा के दौरान विद्यार्थी दिल्ली और चंडीगढ़ में भारत के कुछ सबसे प्रतिष्ठित वैज्ञानिक संस्थानों और प्रयोगशालाओं का दौरा करेंगे। इनमें शामिल हैं:
राष्ट्रीय विज्ञान संग्रहालय, दिल्ली: जहां विद्यार्थी विज्ञान और प्रौद्योगिकी के इतिहास और नवाचारों से परिचित होंगे।
CSIR-नेशनल फिजिकल लैबोरेट्री (NPL): यह भारत की प्रमुख अनुसंधान प्रयोगशालाओं में से एक है, जहां विद्यार्थी भौतिकी और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में हो रहे कार्यों को देखेंगे।
इसरो (ISRO) सेंटर, दिल्ली: विद्यार्थियों को अंतरिक्ष अनुसंधान और सैटेलाइट प्रौद्योगिकी के बारे में जानकारी दी जाएगी।
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इम्यूनोलॉजी (NII): यहां जैव प्रौद्योगिकी और चिकित्सा अनुसंधान के क्षेत्र में हो रहे कार्यों का अवलोकन होगा।
चंडीगढ़ में पंजाब विश्वविद्यालय और अन्य संस्थान: विद्यार्थी यहां विज्ञान और पर्यावरण से जुड़े शोध कार्यों को समझेंगे।
इसके अलावा, विद्यार्थी वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं के साथ बातचीत करेंगे, जिससे उन्हें करियर विकल्पों और अनुसंधान के अवसरों की जानकारी मिलेगी। यात्रा के दौरान कार्यशालाएं और प्रदर्शनियां भी आयोजित की जाएंगी, जहां विद्यार्थी प्रायोगिक रूप से विज्ञान के सिद्धांतों को समझ सकेंगे।
चयन प्रक्रिया और विद्यार्थियों की प्रतिक्रिया
चयनित 375 विद्यार्थियों का चयन कठिन प्रक्रिया के बाद किया गया है, जिसमें लिखित परीक्षा, साक्षात्कार और उनके शैक्षणिक रिकॉर्ड का मूल्यांकन शामिल था। ये विद्यार्थी मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों से हैं, जिसमें भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, और उज्जैन जैसे शहरों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्र भी शामिल हैं।
चयनित विद्यार्थियों में उत्साह देखा जा रहा है। भोपाल की कक्षा 11वीं की छात्रा प्रिया वर्मा ने कहा, “मैं इसरो और अन्य संस्थानों को देखने के लिए बहुत उत्साहित हूं। यह मेरे लिए सपने जैसा है।” उज्जैन के एक अन्य छात्र रवि सोलंकी ने कहा, “मैं वैज्ञानिकों से मिलकर उनके अनुभवों को जानना चाहता हूं। यह यात्रा मेरे करियर को दिशा देगी।”
सरकार और परिषद की भूमिका
मध्यप्रदेश सरकार और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद ने इस यात्रा को सफल बनाने के लिए व्यापक तैयारियां की हैं। परिषद के निदेशक ने बताया कि विद्यार्थियों के लिए यात्रा के दौरान आवास, भोजन, और सुरक्षा की पूरी व्यवस्था की गई है। प्रत्येक समूह के साथ शिक्षक और गाइड भी होंगे, जो विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करेंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस आयोजन को “मध्यप्रदेश के भविष्य को आकार देने वाला कदम” बताया है। उन्होंने कहा, “हमारे विद्यार्थी देश के भावी वैज्ञानिक और नवप्रवर्तक हैं। यह यात्रा उन्हें प्रेरित करेगी और विज्ञान के क्षेत्र में उनके सपनों को पंख देगी।”
सोशल मीडिया पर चर्चा
विज्ञान मंथन यात्रा की घोषणा के बाद से सोशल मीडिया पर इसकी खूब चर्चा हो रही है। कई यूजर्स ने इसे मध्यप्रदेश सरकार की एक प्रेरणादायक पहल बताया है। एक यूजर ने लिखा, “375 बच्चों को वैज्ञानिक संस्थान दिखाने का मौका देना गर्व की बात है। यह मध्यप्रदेश के लिए गेम-चेंजर साबित होगा।” कुछ ने सुझाव दिया कि इस तरह के आयोजन अन्य राज्यों में भी होने चाहिए।
यात्रा का महत्व
विज्ञान मंथन यात्रा न केवल विद्यार्थियों के लिए एक शैक्षिक अवसर है, बल्कि यह मध्यप्रदेश को विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अग्रणी बनाने की दिशा में भी एक कदम है। यह यात्रा विद्यार्थियों को यह समझने में मदद करेगी कि विज्ञान कैसे समाज और देश के विकास में योगदान देता है। साथ ही, यह उन्हें वैश्विक स्तर पर हो रहे अनुसंधान और नवाचारों से परिचित कराएगी।
आज की मुलाकात और यात्रा की शुरुआत के बाद, इन 375 विद्यार्थियों के अनुभव और सीख निश्चित रूप से अन्य युवाओं को भी प्रेरित करेंगे। यह आयोजन मध्यप्रदेश के शिक्षा और विज्ञान क्षेत्र में एक नया अध्याय जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।