शाहिद अफरीदी का विवादित बयान…
संवाददाता
12 May 2025
अपडेटेड: 6:25 AM 0thGMT+0530
शाहिद अफरीदी का विवादित बयान:
ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद PM मोदी पर साधा निशाना, भड़का भारत
पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर शाहिद अफरीदी ने एक बार फिर अपने बयानों से भारत के खिलाफ जहर उगला है। भारत की हालिया सैन्य कार्रवाई ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद अफरीदी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाना बनाते हुए आपत्तिजनक टिप्पणी की, जिससे भारत में गुस्से की लहर दौड़ गई है। अफरीदी ने दावा किया कि भारत की आक्रामक नीतियों ने उसे “रणनीतिक गतिरोध” में धकेल दिया है। इस बयान ने दोनों देशों के बीच तनाव को और हवा दे दी है, खासकर तब जब भारत-पाकिस्तान सीमा पर हालात पहले से ही नाजुक बने हुए हैं।
क्या कहा पूर्व क्रिकेटर ने ?
पाकिस्तानी मीडिया को दिए एक साक्षात्कार में शाहिद अफरीदी ने कहा, “मोदी की आक्रामक नीतियां भारत को एक खतरनाक रास्ते पर ले जा रही हैं। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ जैसे कदम भारत को अंतरराष्ट्रीय मंच पर अलग-थलग कर रहे हैं।” उन्होंने यह भी दावा किया कि भारत की नीतियां क्षेत्रीय शांति के लिए खतरा हैं। अफरीदी के इस बयान को पाकिस्तानी सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने समर्थन दिया, जबकि भारत में इसे भड़काऊ और गैर-जिम्मेदाराना करार दिया गया।
भारत की सख्त कार्रवाई
‘ऑपरेशन सिंदूर’ का जिक्र भारत की हालिया सैन्य कार्रवाई से है, जिसमें भारतीय वायुसेना ने 6-7 मई 2025 की रात को पाकिस्तान और पीओके में आतंकी ठिकानों पर लक्षित हमले किए थे। इन हमलों में कई आतंकी शिविरों को नष्ट किया गया, जिसे भारत ने आतंकवाद के खिलाफ एक निर्णायक कदम बताया। इस कार्रवाई के बाद भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय को सूचित किया कि यह ऑपरेशन सीमा पार से हो रही आतंकी गतिविधियों को रोकने के लिए जरूरी था। हालांकि, पाकिस्तान ने इसे उकसावे की कार्रवाई करार देते हुए जवाबी कार्रवाई की धमकी दी थी।
बीजेपी और कांग्रेस में जुबानी जंग
भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने अफरीदी के बयान को “पाकिस्तान की बौखलाहट” का सबूत बताया। बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा, “अफरीदी जैसे लोग पाकिस्तान की हार को पचा नहीं पा रहे। भारत आतंकवाद के खिलाफ अपनी लड़ाई में अडिग है।” दूसरी ओर, कांग्रेस ने इस मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने पूछा, “अफरीदी जैसे लोग बार-बार भारत के खिलाफ बोलते हैं, लेकिन सरकार की ओर से कोई कड़ा जवाब क्यों नहीं आता? क्या विदेश नीति में कमी है?”
भारत-पाक तनाव: सीमा पर बढ़ी हलचल
अफरीदी का बयान ऐसे समय में आया है जब भारत-पाकिस्तान सीमा पर तनाव चरम पर है। हाल ही में पाकिस्तानी सेना की ओर से मोर्टार शेलिंग और ड्रोन हमलों में सात लोगों की मौत हुई थी, जिसमें एक जूनियर कमीशंड ऑफिसर (JCO) और एक सीमा सुरक्षा बल (BSF) का जवान भी शामिल था। भारत ने इन हमलों का कड़ा जवाब देते हुए अपनी सैन्य तैयारियों को और मजबूत किया है। बिहार, पंजाब और जम्मू-कश्मीर जैसे सीमावर्ती राज्यों में हाई अलर्ट जारी है।
पहले भी विवादों में रहे हैं अफरीदी
यह पहली बार नहीं है जब शाहिद अफरीदी ने भारत के खिलाफ विवादित बयान दिया हो। फरवरी 2025 में उन्होंने कश्मीर मुद्दे पर भारत को “अत्याचारी” करार दिया था, जिसके बाद उनके और बीसीसीआई सचिव जय शाह के एक क्रिकेट मैच में साथ दिखने पर कांग्रेस ने निशाना साधा था। अफरीदी की छवि एक ऐसे क्रिकेटर की रही है, जो अक्सर राजनीतिक बयानबाजी में उलझ जाता है।
अफरीदी के बयान का मकसद ?
सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि अफरीदी का बयान पाकिस्तान के आंतरिक दबाव का नतीजा हो सकता है। रक्षा विशेषज्ञ मेजर जनरल (रिटायर्ड) जीडी बख्शी ने कहा, “पाकिस्तान अपनी असफलताओं को छिपाने के लिए भारत के खिलाफ बयानबाजी का सहारा ले रहा है। अफरीदी जैसे लोग सिर्फ ध्यान खींचने के लिए बोलते हैं।” वहीं, कुछ विश्लेषकों का कहना है कि अफरीदी पाकिस्तान में अपनी राजनीतिक छवि चमकाने की कोशिश कर रहे हैं।
भारत का रुख रहेगा सख्त
शाहिद अफरीदी का ताजा बयान भारत-पाकिस्तान के बीच पहले से चले आ रहे तनाव को और बढ़ाने वाला है। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद भारत ने स्पष्ट कर दिया है कि वह आतंकवाद के खिलाफ अपनी नीति में कोई ढील नहीं बरतेगा। अफरीदी के बयान ने भले ही सुर्खियां बटोरी हों, लेकिन भारत में इसे गंभीरता से लेने के बजाय खारिज करने की मांग उठ रही है। जनता और सरकार दोनों की ओर से एक ही संदेश है- भारत अपनी संप्रभुता और सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करेगा।