समुद्र में बढ़ी भारत की धाक: नौसेना में शामिल हुए ‘तारागिरी’ युद्धपोत और ‘अरिदमन’ पनडुब्बी.

khabar pradhan

संवाददाता

4 April 2026

अपडेटेड: 4:14 PM 0thGMT+0530

समुद्र में बढ़ी भारत की धाक: नौसेना में शामिल हुए ‘तारागिरी’ युद्धपोत और ‘अरिदमन’ पनडुब्बी.

4 अप्रैल 2026
विशाखापट्टनम:

भारतीय नौसेना ने शुक्रवार को अपनी समुद्री ताकत का लोहा मनवाते हुए दो बड़े ‘योद्धाओं’ को अपने बेड़े में शामिल कर लिया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने विशाखापट्टनम में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में स्टील्थ युद्धपोत ‘तारागिरी’ (Taragiri) और स्वदेशी परमाणु पनडुब्बी ‘अरिदमन’ (Aridman) को देश को समर्पित किया।
इस मौके पर रक्षा मंत्री ने साफ लफ्जों में कहा कि भारत की बढ़ती समुद्री शक्ति किसी को डराने के लिए नहीं, बल्कि सुरक्षित समुद्री व्यापार और शांति सुनिश्चित करने के लिए है। राजनाथ सिंह ने बताया कि नौसेना फारस की खाड़ी से लेकर मलक्का जल डमरू मध्य तक लगातार मौजूद रहती हैl और संकट के समय हमेशा सबसे आगे रहती हैl इसमें लोगों को सुरक्षित निकालने और मानवीय सहायता भी शामिल है l उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत का विकास और ऊर्जा सुरक्षा समुद्र से गहराई से जुड़े हुए हैं , इसलिए एक मजबूत नौसेना का होना बेहद जरूरी है l उन्होंने  यह भी कहा कि भारतीय नौसेना ने साबित कर दिया है  कि वह न केवल देश के हितों की रक्षा करने में सक्षम है, बल्कि जरूरत पड़ने पर अपने नागरिकों और दुनिया भर में व्यापार मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर कदम उठा सकती है l

तारागिरी’: समंदर का वो शिकारी जिसे रडार भी नहीं पकड़ पाएगा
‘तारागिरी’ एक आधुनिक ‘स्टील्थ’ युद्धपोत है, जिसका मतलब है कि इसे दुश्मन के रडार आसानी से नहीं पकड़ पाएंगे।
इस युद्धपोत को बनाने में 75% से ज्यादा भारतीय सामान का इस्तेमाल हुआ है, जो ‘आत्मनिर्भर भारत’ की जीती-जाती मिसाल है।
यह युद्धपोत सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइलों, हवा में मार करने वाली मिसाइलों और पनडुब्बी रोधी युद्ध प्रणाली (Anti-submarine warfare) से लैस है।
लगभग 6,500 टन वजनी यह पोत अत्याधुनिक सेंसर और हथियारों से सुसज्जित है।

अरिदमन’: साइलेंट किलर जो पानी के नीचे मचाएगा तबाही
नौसेना में शामिल हुई दूसरी बड़ी ताकत है परमाणु पनडुब्बी INS अरिदमन। यह अरिहंत श्रेणी की तीसरी परमाणु पनडुब्बी है।
अरिदमन पानी के नीचे करीब 44 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती है। इसे ढूंढ पाना दुश्मन के लिए नामुमकिन जैसा है।
इसके शामिल होने से भारत का ‘न्यूक्लियर ट्रायड’ और मजबूत हो गया है। यानी अब भारत जमीन और हवा के साथ-साथ समंदर के नीचे से भी परमाणु मिसाइल दागने में पूरी तरह सक्षम है।
यह पनडुब्बी K-15 और K-4 जैसी खतरनाक बैलिस्टिक मिसाइलों से लैस है।

रक्षा मंत्री का कड़ा संदेश
कार्यक्रम के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, “तारागिरी और अरिदमन का नौसेना में आना केवल शक्ति का प्रदर्शन नहीं, बल्कि भारत के गौरव का प्रतीक है। ये शब्द मात्र नहीं, बल्कि साक्षात शक्ति हैं।” उन्होंने भरोसा जताया कि नई चुनौतियों और हिंद महासागर में बढ़ती हलचल के बीच भारतीय नौसेना हर स्थिति से निपटने के लिए तैयार है।
इस अवसर पर सीडीएस जनरल अनिल चौहान, नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

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