सिंध में उग्र प्रदर्शनकारियों ने गृह मंत्री का घर जलाया, पुलिस से झड़प में 2 की मौत…
संवाददाता
21 May 2025
अपडेटेड: 12:10 PM 0stGMT+0530
सिंध में उग्र प्रदर्शनकारियों ने गृह मंत्री का घर जलाया, पुलिस से झड़प में 2 की मौत
पाकिस्तान के सिंध प्रांत में मंगलवार को सरकार की सिंध नदी पर नहर बनाने की योजना के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हिंसक रूप ले बैठा. नौशेहरो फिरोज जिले में हुई इस हिंसा में प्रदर्शनकारियों ने सिंध के गृह मंत्री जियाउल हसन लंजर का घर जला दिया, साथ ही वहां तैनात सुरक्षाकर्मियों पर हमला कर उन्हें पीटा. इस पूरे घटनाक्रम में कम से कम दो लोगों की मौत हो गई और कई घायल हुए हैं.
विवाद की जड़ में सिंध नदी पर प्रस्तावित एक नई नहर परियोजना है, जिसे लेकर स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी है. उनका आरोप है कि यह योजना स्थानीय किसानों की जमीन और सिंचाई जल स्रोतों को छीनने वाली है. लोगों का कहना है कि इस योजना से उनके जीवन और जीविका पर गंभीर असर पड़ेगा.
मंगलवार को जब प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर धरना देने की कोशिश की, तो पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया. इसी दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हो गई, जो देखते ही देखते हिंसक संघर्ष में बदल गई.
गृह मंत्री के घर पर हमला, ट्रकों को किया आग के हवाले
गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने गृह मंत्री जियाउल हसन लंजर के घर को निशाना बनाया. उन्होंने घर में घुसकर तोड़फोड़ की और आग लगा दी. वहीं, वहां तैनात सुरक्षा गार्ड्स को भी पीटा गया. घटना के समय मंत्री वहां मौजूद नहीं थे, लेकिन घर को भारी नुकसान हुआ है.
इतना ही नहीं, प्रदर्शनकारियों ने कुछ ट्रकों को लूट लिया और उनमें से कई ट्रकों को भी आग के हवाले कर दिया. मौके पर अफरा-तफरी मच गई. हालात को काबू में लाने के लिए भारी संख्या में पुलिस और अर्धसैनिक बलों को तैनात किया गया.
हिंसा में दो की मौत, कई घायल; तनाव बरकरार
पुलिस और प्रदर्शनकारियों की झड़प में कम से कम दो लोगों की मौत हो गई है. मृतकों की पहचान अब तक सार्वजनिक नहीं की गई है, लेकिन रिपोर्ट्स के अनुसार वे प्रदर्शनकारियों के पक्ष से थे. दोनों पक्षों के कई लोग घायल हुए हैं, जिन्हें नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है.
सरकार ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किए हैं और कहा है कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. हालांकि, प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक नहर परियोजना को रद्द नहीं किया जाता, उनका आंदोलन जारी रहेगा.