सीएम मोहन यादव के भड़काऊ तेवर
संवाददाता
23 March 2025
अपडेटेड: 9:16 AM 0rdGMT+0530

बख्शे नहीं जाएंगे आरोपी
मऊगंज जिले में पुलिस की बचाव कार्रवाई के दौरान एक कैदी युवक और एएसआई की भीड़ द्वारा हत्या कर दी गई है। पुलिस ने अब तक 32 शक्स को गिरफ्तार किया है।वही इसमें कई पुलिसकर्मी घायल हुए और एएसआई रामचरण गौतम की मृत्यु हो गई। घटना गदरा गांव में हुई।
एमपी के मऊगंज जिले में 15 मार्च को एक व्यक्ति और उसे बचाने गए एएसआई की भीड़ ने पीट-पीटकर हत्या कर दी। इसके साथ ही इस मामले में सीएम मोहन यादव के सख्त निर्देश के बाद पुलिस ने एक्शन लिया है। अब तक 32 लोगों को गिरफ्तार किया है। बाकी आरोपियों को भी पुलिस पकड़ने की कोशिश कर रही है।
मऊगंज के एसपी दिलीप सोनी ने बताया कि जांच चल रही है। उन्होंने कहा, ‘हम बाकी आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर लेंगे। अभी तक हमने 32 लोगों को गिरफ्तार किया है। लगभग 10 और आरोपी अभी भी पकड़े जाने बाकी हैं।’
27 वर्ष के राहिल उर्फ सनी द्विवेदी को भीड़ ने मार डाला। सनी गड़रा गांव का रहने वाला था। पुलिस उसे बचाने गई थी, लेकिन यह मिशन नाकाम रहा। भीड़ ने सनी और को मार डाला। इस हमले में कई पुलिसवाले भी घायल हो गए।
एएसआई रामचरण गौतम को पत्थर लगने से सिर में गंभीर चोट आई। उनकी मौके पर ही मौत हो गई। यह घटना शाहपुर पुलिस स्टेशन के तहत गड़रा गांव में हुई। यह जगह मऊगंज जिला मुख्यालय से लगभग 30 किमी और भोपाल से 600 किमी दूर है। पुलिस को खबर मिली थी कि सनी द्विवेदी को गड़रा में बंधक बनाकर पीटा जा रहा है। शाहपुर पुलिस टीम ने अपने सीनियर अधिकारियों को जानकारी दी। जब पुलिस मौके पर पहुंची, तो सनी मृत मिला।
पुलिस के अनुसार, वे बाकी आरोपियों को जल्द पकड़ लेंगे। एसपी सोनी ने कहा कि पुलिस इस मामले को गंभीरता से ले रही है और दोषियों को सजा दिलाएगी। उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है।
इस मामले में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सख्त निर्देश दिए थे। एक्शन लेते हुए सरकार ने मऊगंज के SP और कलेक्टर को हटा दिया था। उन्होंने कहा था कि आरोपी किसी भी कीमत पर बख्शे नहीं जाएंगे। उन्होंने पुलिस को भी इसके लिए आदेश दिए थे। खुद डीजीपी मकवाना मौके पर पहुंचे थे। इसके बाद वह शहीद ASI के घर सांत्वना देने भी पहुंचे थे।