सीएम हेल्पलाइन में मुख्यमंत्री ने शिकायत कर्ताओं से की वर्चुअली बातचीत…
संवाददाता
3 May 2025
अपडेटेड: 2:35 PM 0rdGMT+0530
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने सीएम हेल्पलाइन और अन्य माध्यमों पर मिली शिकायतों में से 14 प्रमुख शिकायतकर्ताओं से वर्चुअल बातचीत बातचीत की और मैदानी स्तर पर प्रशासन और पुलिस की हकीकत का फीडबैक लिया।मोहन यादव ने समाधान ऑनलाइन कार्यक्रम में कहा है कि जनता की संतुष्टि ही सरकार कामुख्य उद्देश्य है सीएम डॉ मोहन यादव ने प्रदेश के 12 जिलों में 14 मामलों की सीधी सुनवाई की इस दौरान उन्होंने कहा कि सुशासन का मतलब है जनता की उपेक्षाओं परखरा उतरना और साथ ही सीएम ड ने अधिकारियों को निर्देश भी दिए कि वह अपनी दक्षता और प्रबंधन क्षमता को बेहतर करें और जनता के काम समय पर पूरे हो साथ ही सीएम हेल्पलाइन में आने वाले आवेदनों के समय पर निवारण और दोषियों के कारवाई पर जोर दिया जाये ।मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने अधिकारियों को भी कड़ा संदेश दे दिया है कहा है कि जनता की समस्याओं का निराकरण ही पहला उद्देश्य है और सीएम ने अधिकारियों को बेहतर प्रबंधन के भी निर्देश दिए हैं तो समाधान ऑनलाइन में प्रमुख प्रकरणों का निपटान करने की बात भी कही है। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने जनकल्याण दक्षता और क्षमता संवर्धन पर अधिकारियों को सीख देते हुए कहा। आप लोगों को दक्षता व क्षमता संवर्धन पर और अधिक जोर देना चाहिए। मध्यप्रदेश में ऐसे कई उदाहरण हैं, जिसमें आप ही के साथियों ने दक्षता और क्षमता का अधिक से अधिक उपयोग कर आम जन के लिए कई काम आसान किए है। ऐसे उदाहरणों का अनुसरण सबको करना चाहिए, ताकि सरकार आम लोगों के दिलों को छू सके। सीएम डॉ. मोहन यादव ने यह सीख समाधान ऑनलाइन में संभागों के संभागायुक्त, कलेक्टरों, पुलिस जोन व जिलों के आइपीएस अधिकारियों को दी।अफसरों को और अधिकारियों को दी सीख!——————————————————–मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी योजनाओं मैं जिलों के प्रदर्शन की ग्रेडिंग कराई है। जिला एवं पुलिस प्रशासन के बारे में फीडबैक भी लिया जा रहा है। उन्होंने ग्रेडिंग में अपेक्षा के अनुरूप प्रदर्शन न करने वाले जिलों के इएएस और आइपीएस अफसरों को चेताया कि अपना प्रदर्शन सुधार लें और नागरिकों को बेहतर प्रशासन एवं व्यवस्थाओं को कस्टमर फेंडली बनाकर उनका विश्वास हासिल करें।14 प्रमुख शिकायतकर्ताओं से किया संवाद:———————————————————सीएम ने सीएम हेल्पलाइन व अन्य माध्यमों पर मिली शिकायतों में से 14 प्रमुख शिकायतकर्ताओं से वर्चुअली बातचीत की। मैदानी स्तर पर प्रशासन व पुलिस की हकीकत का फीडबैक लिया। जवाब मिला कि उनकी समस्याओं का समाधान हो गया। इस पर सीएम ने संभागायुक्त, कलेक्टरों व पुलिस के अधिकारियों से कहा कि शिकायतों के समाधान की प्रक्रिया आसान हो, किसी को शिकायत करने का मौका ही न दें। असल में जिन मामलों को मुख्यमंत्री ने सुना, उनमेंसे ज्यादातर मामलों में कलेक्टर और विभाग प्रमुख पहले ही कार्रवाई करा चुके थे।समाधान ऑनलाइन में मुख्यमंत्री ने कलेक्टरों से कहा कि योजनाओं के डिलेवरी सिस्टम को और अधिक मजबूत बनाएं। नागरिकों के काम समय पर हों और उन्हें अपनी छोटी-छोटी जरूरतों के लिएं यहां-वहां भटकना न पड़े, सीएम हेल्पलाइन में प्राप्त शिकायतों का तय समय-सीमा में निराकरण किया करें। यदि कोई मसला समाधान ऑनलाइन में में आ रहा है तो यह गंभीर है।पहले ही कार्रवाई!———————-सीएम ने पांढुर्णा, मुरैना, उमरिया, नीमच, भिंड, बैतूल, निवाड़ी, रायसेन, नर्मदापुरम एवं धार जिले के एक-एक मामले तथा शहडोल और सतना जिले के 2-2 मामलों से जुड़े लोगों को वर्चुअली सुना। मामलों में जिलों के कलेक्टर व विभागाध्यक्षों ने संबंधितों के खिलाफ मामलों की समाधान ऑनलाइन में सुनवाई से पहले ही निलंबन, कारण बताओ नोटिस, आर्थिक अपराध से जुड़े मामलों में एफआइआर व वेतन वृद्धि रोके जाने संबंधी कार्रवाई कर दी थी।तय समय पर हों काम!—————————-मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि जिलों मैं चल रही केंद्र व राज्य की योजनाओं से जुड़े कामों की समयसीमा पूर्व से तय है, उसी के दायरे में काम पूरे करें। देरी का असर सरकार पर ही नहीं, जनता पर भी पड़ता है इसलिए किसी भी स्थिति में देरी न हो, हो, इसका इसका ध्यान रखें। देरी करने वाले अफसरों से सवाल होंगे। कार्रवाई के दायरे में लिया जाएगा।खेत जलाने से रोकें;————————-मुख्यमंत्री ने कहा कि कटाई का कोई भी सीजन हो, हर बार खेत काले हो जाते हैं, यह जागरुकता की कमी का बड़ा उदाहरण है। प्रशासन किसानों के बीच जाएं, उन्हें बताएं कि खेतों को जलाना खुद की जमीन की उर्वरा शक्ति जलाने जैसा है। दूसरे लोगों को भी नुकसान में डालना है, जन जागरुकता को अपनाकर कसावट लाएं, पराली को लेकर किसान भाई जिन समस्याओं से जूझ रहे हैं, उनकी बात सुनें, उन्हें प्रशासन से हर संभव मदद देने का आश्वासन दे।