सीबीआई जांच के बाद सैकड़ो नर्सिंग कॉलेज अपात्र किए घोषित:

khabar pradhan

संवाददाता

8 January 2026

अपडेटेड: 4:14 PM 0thGMT+0530


मध्यप्रदेश में नर्सिंग कॉलेजों की मान्यता में हुई अनियमितताओं को लेकर दायर जनहित याचिका पर हाईकोर्ट में एक बार फिर अहम सुनवाई हुई है। इस मामले में सीबीआई जांच के बाद सैकड़ों नर्सिंग कॉलेज अपात्र घोषित किए जा चुके हैं… हाईकोर्ट की युगलपीठ — चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ — ने नर्सिंग काउंसिल को सख्त निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने कहा है कि अगली सुनवाई तक यह बताया जाए कि अपात्र संस्थानों में पढ़ रहे छात्रों को पात्र कॉलेजों में शिफ्ट करने को लेकर अब तक क्या कार्रवाई की गई है। यह जानकारी शपथ-पत्र के माध्यम से पेश करनी होगी। मामले की अगली सुनवाई 12 फरवरी को तय की गई है। यह जनहित याचिका लॉ स्टूडेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अधिवक्ता विशाल बघेल की ओर से दायर की गई है। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता आलोक वागरेचा ने कोर्ट को बताया कि हजारों छात्रों का भविष्य अंधकार में है। उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट ने 28 मार्च 2025 और 21 अगस्त 2025 को साफ आदेश दिए थे कि अपात्र कॉलेजों में पढ़ रहे छात्रों को तुरंत पात्र संस्थानों में शिफ्ट किया जाए, लेकिन इन आदेशों का जानबूझकर पालन नहीं किया जा रहा। स्थिति यह है कि छात्र आज भी कागजों में उन्हीं कॉलेजों में दर्ज हैं, जहां न तो पर्याप्त फैकल्टी है और न ही बुनियादी संसाधन।‌कोर्ट ने इस लापरवाही को गंभीर माना है।

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