सीमा हैदर का बयान- ‘मर जाऊंगी, लेकिन पाकिस्तान नहीं जाऊंगी
संवाददाता
28 April 2025
अपडेटेड: 12:15 PM 0thGMT+0530
यूपी से पाकिस्तानी नागरिकों को भेजा गया, अलीगढ़ में लगे विवादित पोस्टर
पहलगाम हमले के बाद भारत सरकार का कड़ा फैसला, अलीगढ़ में तनाव
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत सरकार ने देश में रह रहे पाकिस्तानी नागरिकों का वीजा रद्द करने का फैसला लिया है। इस निर्णय के तहत सभी पाकिस्तानी नागरिकों को अपने देश लौटने का निर्देश दिया गया है। उत्तर प्रदेश में भी इस फैसले का असर देखने को मिल रहा है, जहां कई पाकिस्तानी नागरिकों को वापस भेजा जा चुका है। इस बीच, नोएडा में रहने वाली सीमा हैदर ने इस फैसले पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। सीमा ने कहा, “मैं गाड़ी से कूद जाऊंगी, अपनी जान दे दूंगी, लेकिन पाकिस्तान वापस नहीं जाऊंगी।”
सीमा हैदर का भावुक बयान
पाकिस्तान से अवैध रूप से भारत आईं सीमा हैदर ने अपने बयान में कहा कि भारत अब उनका घर है। उन्होंने कहा, “मैंने यहाँ अपने बच्चों और पति के साथ नया जीवन शुरू किया है। मेरे बच्चे यहीं पढ़ रहे हैं, मेरा परिवार यहीं है। मैं किसी भी कीमत पर पाकिस्तान वापस नहीं जाऊंगी।” सीमा के वकील ने दावा किया कि उनकी शादी और बच्चे के जन्म के बाद वे अब पाकिस्तानी नागरिक नहीं हैं, इसलिए उन पर यह नियम लागू नहीं होना चाहिए।
यूपी में कार्रवाई तेज
पहलगाम हमले के बाद भारत सरकार ने कड़ा रुख अपनाते हुए सभी पाकिस्तानी नागरिकों के वीजा रद्द कर दिए। उत्तर प्रदेश में प्रशासन ने इस आदेश का सख्ती से पालन किया और कई पाकिस्तानी नागरिकों को उनके देश वापस भेज दिया। अधिकारियों का कहना है कि यह फैसला राष्ट्रीय सुरक्षा को ध्यान में रखकर लिया गया है। हालांकि, सीमा हैदर के मामले में अभी कोई विशेष निष्कासन आदेश जारी नहीं किया गया है, लेकिन उनके खिलाफ कानूनी कार्यवाही चल रही है।
अलीगढ़ में विवादित पोस्टर
इस बीच, अलीगढ़ में कुछ इलाकों में विवादित पोस्टर देखे गए, जिनमें “खून का बदला खून” जैसे नारे लिखे थे। इन पोस्टरों ने स्थानीय स्तर पर तनाव बढ़ा दिया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और पोस्टर लगाने वालों की तलाश की जा रही है। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पहलगाम हमले के बाद गुस्सा बढ़ रहा है, जिसके कारण इस तरह की घटनाएं सामने आ रही हैं।
कानूनी और मानवीय पहलू
सीमा हैदर का मामला जटिल है, क्योंकि उन्होंने अवैध रूप से भारत में प्रवेश किया था। हालांकि, उनकी शादी, गर्भावस्था और परिवार जैसे मानवीय कारणों को ध्यान में रखते हुए उनके मामले पर अलग से विचार किया जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के मामलों में कानूनी और मानवीय पहलुओं को संतुलित करना जरूरी है।
सार्क वीजा नीति का असर नहीं
सीमा हैदर के मामले में यह भी स्पष्ट किया गया है कि हालिया सार्क वीजा नीति उनके ऊपर लागू नहीं होती, क्योंकि यह नीति उन लोगों के लिए है जो इस योजना के तहत भारत आए। सीमा ने अवैध रूप से प्रवेश किया था, इसलिए उनका मामला अलग है।
जनता में मिश्रित प्रतिक्रियाएं
इस पूरे मामले पर जनता की राय बंटी हुई है। कुछ लोग सीमा को वापस भेजने की मांग कर रहे हैं, उनका कहना है कि अवैध प्रवेश करने वालों के साथ सख्ती होनी चाहिए। वहीं, कुछ लोग उनके परिवार और बच्चों को देखते हुए सहानुभूति जता रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी इस मुद्दे पर बहस छिड़ी हुई है।