सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश CJI सूर्यकांत का दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन:

khabar pradhan

संवाददाता

8 February 2026

अपडेटेड: 1:55 PM 0thGMT+0530

सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश CJI सूर्यकांत का दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन:



भोपाल में सीजेआई की अगुवाई में मंथन:

अब न्याय में भाषा बाधा नहीं, देशभर की अदालतों में बनेंगे बहुभाषी डिजिटल प्लेटफॉर्म:
भोपाल/
आम लोगों को उनकी अपनी भाषा में न्याय एवंउपलब्ध कराने के लिए न्याय पालिका बड़ा कदम उठाने जा रही है। राष्ट्रीय न्यायिक अकादमी में हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीशों के दो दिनी राष्ट्रीय सम्मेलन में बहुभाषी डिजिटल ज्यूडिशियल प्लेटफॉर्म विकसित करने पर सहमति बनी।

न्यायाधीशों की मेजबानी कर रहा है. सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस सूर्यकांत समेत अन्य न्यायाधीश आज नेशनल ज्यूडिशियल एकेडमी में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन में शामिल हुए.  ये पहला मौका है जब सीजेआई बनने के बाद जस्टिस सूर्यकांत मध्य प्रदेश पहुंचे हैं. सीजेआई के साथ लंबे समय बाद एक साथ 25 हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस भी भोपाल में हैं. सभी जज देश की न्याय व्यवस्था पर मंथन कर रहे हैं।
नेशनल ज्यूडिशियल एकेडमी में दो दिन का राष्ट्रीय सम्मेलन:

भोपाल की नेशनल ज्यूडिशियल एकेडमी में 7 फरवरी से दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। जिसका शुभारम्भ शनिवार सुबह सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने किया।  इनके साथ देश के अलग-अलग राज्यों से 25 से अधिक हाईकोर्ट के जज भी शामिल हुए हैं । जानकारी के अनुसार, यह सम्मेलन हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस के लिए आयोजित किया गया है.

सम्मेलन की अगुवाई सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत और वरिष्ठ न्यायाधीशों ने की। मंथन में सामने आया, बड़ी आबादी भाषायी बाधाओं से न्यायिक प्रक्रिया से पूरी तरह जुड़ नहीं पाती। इसे दूर करने के लिए कोर्ट के डिजिटल सिस्टम को बहुभाषी बनाएंगे। इससे याचिकाकर्ता केस से जुड़ी जानकारी, आदेश, नोटिस, सुनवाई विवरण मातृभाषा में समझ सकेंगे।

अकादमी में सीजेआइ ने पौधा रोपा:

तकनीक से न्याय प्रक्रिया पारदर्शी
होगी। लोगों का भरोसा बढ़ेगा।

वैकल्पिक विवाद निपटान प्रणाली में बहुभाषी डिजिटल सपोर्ट, छोटे केसों में लोकल स्तर पर समाधान।

न्याय को भाषा/भौगोलिक सीमाओं से मुक्त करने का संकल्प।

केस स्टेटस, आदेश व नोटिस क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध होंगे।

वर्चुअल सुनवाई में रियल-टाइम भाषा अनुवाद तकनीक पर काम।

दूरस्थ क्षेत्रों के वादियों को डिजिटली भाषा सहायता मिलेगी।

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