सुप्रीम कोर्ट ने 6 लोगों के पाकिस्तान डिपोर्टेशन पर लगाई रोक, दस्तावेजों की जांच के निर्देश

khabar pradhan

संवाददाता

2 May 2025

अपडेटेड: 1:24 PM 0ndGMT+0530

सुप्रीम कोर्ट ने 6 लोगों के पाकिस्तान डिपोर्टेशन पर लगाई रोक, दस्तावेजों की जांच के निर्देश

वीजा समाप्त होने के बाद भी भारत में रहने का आरोप, परिवार ने पेश किए भारतीय नागरिकता के दस्तावेज

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को जम्मू-कश्मीर से पाकिस्तान डिपोर्ट किए जा रहे एक परिवार के छह सदस्यों के डिपोर्टेशन पर रोक लगा दी। कोर्ट ने केंद्र सरकार और जम्मू-कश्मीर प्रशासन को निर्देश दिया कि इन लोगों के दस्तावेजों की गहन जांच की जाए। इन पर आरोप है कि वीजा समाप्त होने के बावजूद वे भारत में अवैध रूप से रह रहे थे। हालांकि, परिवार का दावा है कि उनके पास भारतीय नागरिकता साबित करने वाले दस्तावेज, जैसे आधार कार्ड और वोटर आईडी, मौजूद हैं। मामला तब सामने आया जब इन छह लोगों को अटारी-वाघा बॉर्डर के रास्ते पाकिस्तान भेजने की प्रक्रिया शुरू की गई। परिवार ने डिपोर्टेशन का विरोध करते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की, जिसमें कहा गया कि वे भारतीय नागरिक हैं और उनके दस्तावेज वैध हैं। सुप्रीम कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि जब तक दस्तावेजों की जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक इन्हें पाकिस्तान नहीं भेजा जाएगा। कोर्ट ने प्रशासन से यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि जांच निष्पक्ष और समयबद्ध तरीके से हो। यह मामला हाल ही में पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़े तनाव की पृष्ठभूमि में और महत्वपूर्ण हो गया है। सुरक्षा एजेंसियों ने अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों पर नजर रखना तेज कर दिया है। इस बीच, परिवार के दावों ने मामले को जटिल बना दिया है। स्थानीय प्रशासन का कहना है कि प्रारंभिक जांच में इनके वीजा की वैधता समाप्त होने की बात सामने आई थी, जिसके आधार पर डिपोर्टेशन की कार्रवाई शुरू की गई। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले ने सोशल मीडिया पर भी बहस छेड़ दी है। कुछ लोग इसे मानवीय आधार पर सही कदम बता रहे हैं, जबकि अन्य इसे राष्ट्रीय सुरक्षा के दृष्टिकोण से चिंताजनक मान रहे हैं। कोर्ट ने अगली सुनवाई तक सभी पक्षों से विस्तृत जवाब मांगा है।

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