सुप्रीम कोर्ट में वक्फ कानून पर सुनवाई का दूसरा दिन
संवाददाता
17 April 2025
अपडेटेड: 9:12 AM 0thGMT+0530

हिंदू मेंबर, कलेक्टर की शक्तियां और वक्फ बाय यूजर पर फोकस
नई दिल्ली में सुप्रीम कोर्ट में वक्फ अधिनियम 1995 और इसके संशोधनों को लेकर लगातार दूसरे दिन सुनवाई हुई। मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना की अध्यक्षता वाली बेंच ने केंद्र सरकार से तीन प्रमुख मुद्दों पर जवाब मांगा: वक्फ बोर्ड में केवल मुस्लिम सदस्यों की नियुक्ति, कलेक्टर को जमीन संबंधी विवादों में फैसला देने का अधिकार न होना, और ‘वक्फ बाय यूजर’ की अवधारणा। कोर्ट ने इन प्रावधानों को संवैधानिकता के दायरे में परखने पर जोर दिया।
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने तर्क दिया कि वक्फ कानून धार्मिक स्वतंत्रता (अनुच्छेद 25) और धार्मिक मामलों के प्रबंधन (अनुच्छेद 26) के अधिकारों का उल्लंघन करता है। वहीं, केंद्र सरकार ने कानून को संवैधानिक बताते हुए कहा कि यह धार्मिक संपत्तियों के प्रबंधन के लिए जरूरी है। कोर्ट ने ‘वक्फ बाय यूजर’ को खत्म करने के संभावित संवैधानिक संकट पर चिंता जताई।
सुप्रीम कोर्ट में 73 याचिकाओं पर सुनवाई चल रही है, जिनमें वक्फ कानून की वैधता और इसके दुरुपयोग के आरोप शामिल हैं। कोर्ट ने तत्काल रोक लगाने से इनकार कर दिया, लेकिन इन तीन सवालों पर आज स्पष्टता की उम्मीद है। यह मामला क्षेत्रीय और धार्मिक संवेदनशीलता के कारण देशभर में चर्चा का विषय बना हुआ है।