सोशल मीडिया और OTT पर अश्लील सामग्री पर रोक की मांग
संवाददाता
28 April 2025
अपडेटेड: 8:55 AM 0thGMT+0530
सोशल मीडिया और OTT पर अश्लील सामग्री पर रोक की मांग
सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई, राष्ट्रीय कंटेंट नियंत्रण प्राधिकरण के गठन की याचिका
सुप्रीम कोर्ट आज, 28 अप्रैल 2025 को एक महत्वपूर्ण याचिका पर सुनवाई करेगा, जिसमें केंद्र सरकार को सोशल मीडिया और ओटीटी (ओवर-द-टॉप) प्लेटफॉर्म्स पर अश्लील और यौन सामग्री के प्रसारण को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने का निर्देश देने की मांग की गई है। याचिका में यह भी अनुरोध किया गया है कि ऐसी सामग्री पर प्रभावी नियंत्रण के लिए एक राष्ट्रीय कंटेंट नियंत्रण प्राधिकरण (नेशनल कंटेंट कंट्रोल अथॉरिटी) का गठन किया जाए।
याचिका में दावा किया गया है कि सोशल मीडिया और ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर अनफिल्टर्ड अश्लील सामग्री, जिसमें संभावित रूप से बाल अश्लीलता भी शामिल है, बड़े पैमाने पर उपलब्ध है। यह सामग्री समाज में गलत मानसिकता को बढ़ावा देती है, असामान्य यौन व्यवहार को प्रोत्साहन देती है और अपराध दर में वृद्धि का कारण बन रही है। याचिकाकर्ताओं ने तर्क दिया कि ऐसी सामग्री पर नियंत्रण के लिए मौजूदा नियम अपर्याप्त हैं, और एक स्वतंत्र प्राधिकरण की स्थापना से इसे प्रभावी ढंग से नियंत्रित किया जा सकता है।
सुनवाई से पहले इस मुद्दे पर सोशल मीडिया पर भी व्यापक चर्चा हो रही है। कई यूजर्स का मानना है कि अनियंत्रित सामग्री युवा पीढ़ी पर नकारात्मक प्रभाव डाल रही है, जबकि कुछ का तर्क है कि सख्त नियम अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को सीमित कर सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट के इस मामले में फैसले पर सभी की नजरें टिकी हैं, क्योंकि यह डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के लिए भविष्य में नियमों को आकार दे सकता है।
केंद्र सरकार और संबंधित मंत्रालयों से इस मामले में जवाब मांगा गया है। सरकार ने पहले भी ओटीटी और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के लिए दिशानिर्देश जारी किए हैं, लेकिन उनकी प्रभावशीलता पर सवाल उठते रहे हैं। यह सुनवाई डिजिटल युग में सामग्री नियंत्रण और नैतिकता के बीच संतुलन को लेकर एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।