स्कूल चलें हम: सरकारी स्कूलों में शिक्षा की ‘क्रांति’, 1 करोड़ से ज्यादा बच्चों का नामांकन; सीएम ने बांटीं फ्री साइकिलें

khabar pradhan

संवाददाता

2 April 2026

अपडेटेड: 11:19 AM 0ndGMT+0530

2 अप्रैल 2026
भोपाल:

मध्य प्रदेश में सरकारी शिक्षा व्यवस्था के प्रति आम जनता का भरोसा तेजी से बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल के मॉडल उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में राज्य स्तरीय ‘प्रवेशोत्सव’ का दीप जलाकर शुभारंभ किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने न केवल नए छात्रों का स्वागत किया, बल्कि शिक्षा के क्षेत्र में राज्य की बड़ी उपलब्धियों का ब्यौरा भी साझा किया।

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य के सरकारी स्कूलों में नामांकन (Enrollment) की दर में ऐतिहासिक सुधार हुआ है।
प्रदेश के सरकारी स्कूलों में अब तक 1 करोड़ 45 लाख बच्चों का नामांकन किया जा चुका है।
स्कूलों की प्रगति दर में 32.4 प्रतिशत का उछाल आया है।
अकेले शैक्षणिक सत्र 2025-26 में कुल नामांकन में 19.6 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है, जो यह दर्शाता है कि अभिभावक अब निजी स्कूलों के बजाय सरकारी स्कूलों पर ज्यादा भरोसा कर रहे हैं।

छात्रों को सौगात: फ्री साइकिलें और किताबें
मुख्यमंत्री ने ‘स्कूल चलें हम’ अभियान के तहत विद्यार्थियों को नि:शुल्क साइकिलें वितरित कीं। उन्होंने घोषणा की कि अगले 3-4 माह में प्रदेश के सभी पात्र छात्र-छात्राओं को साइकिलें बांट दी जाएंगी। इसके अलावा:
निजी स्कूलों की महंगी किताबों के बोझ को कम करने के लिए सरकार ब्लॉक स्तर पर ‘बुक फेयर’ (पुस्तक मेले) आयोजित करेगी, जहां सरकारी और निजी दोनों स्कूलों के छात्रों को सस्ती दर पर किताबें उपलब्ध होंगी।
*नई शिक्षा नीति-2020 के तहत जनजातीय क्षेत्रों में बच्चों को उनकी स्थानीय भाषा में पढ़ाने के लिए 49 विशेष किताबें तैयार की गई हैं।

76,000 से ज्यादा शिक्षकों की नियुक्ति
शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए सरकार ने शिक्षकों की कमी को भी दूर किया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि रिकॉर्ड समय में 76,325 शिक्षकों की नियुक्ति की गई है। उन्होंने कहा, “हम चाहते हैं कि हमारे बच्चे डॉक्टर, इंजीनियर और उद्यमी बनें, इसके लिए स्कूली शिक्षा को सशक्त बनाना हमारी प्राथमिकता है।”

निजी स्कूलों जैसा ‘स्मार्ट’ इंफ्रास्ट्रक्चर
प्रदेश में पीएमश्री और सांदीपनि स्कूलों के रूप में एक ऐसा आधुनिक मॉडल तैयार किया गया है जिसने प्राइवेट स्कूलों की चमक को फीका कर दिया है।
इन स्कूलों में अटल टिंकरिंग लैब, रोबोटिक्स लैब और आईटी लैब जैसी सुविधाएं दी जा रही हैं।

कार्यक्रम के दौरान स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि आज का दिन शिक्षा विभाग के लिए दिवाली जैसा है, क्योंकि हम प्रदेश के हर बच्चे का स्वागत कर रहे हैं।

ड्रॉप आउट’ मुक्त बनेगा मध्य प्रदेश
मुख्यमंत्री ने संकल्प दोहराया कि अब मध्य प्रदेश में ‘ड्रॉप आउट’ (बीच में पढ़ाई छोड़ना) शब्द बीते दिनों की बात हो जाएगी। सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश के सभी 55 जिलों का हर एक बच्चा स्कूल पहुंचे और कोई भी शिक्षा के अधिकार से वंचित न रहे।
नोट: ‘स्कूल चलें हम’ अभियान का यह विशेष चरण 4 अप्रैल तक चलेगा, जिसके तहत प्रदेश भर में जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

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